[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुजफ्फरपुर साहब के ‘लॉगिन’ में कैद जनता की उम्मीदें,मुजफ्फरपुर नगर निगम में नक्शा और दाखिल-खारिज ठप, भटक रहे शहरवासी

साहब के ‘लॉगिन’ में कैद जनता की उम्मीदें,मुजफ्फरपुर नगर निगम में नक्शा और दाखिल-खारिज ठप, भटक रहे शहरवासी

0
साहब के ‘लॉगिन’ में कैद जनता की उम्मीदें,मुजफ्फरपुर नगर निगम में नक्शा और दाखिल-खारिज ठप, भटक रहे शहरवासी
नगर निगम में नक्शा और दाखिल-खारिज ठप, भटक रहे शहरवासी

मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur Land Registry and Mutation Rules: मुजफ्फरपुर नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी होती दिख रही है. एक तरफ जहां सरकार ”सहयोगपोर्टल” के जरिये लोगों की शिकायतें सुनने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम में सीधे तौर पर आम जनता के जुड़े कामों में घोर हीलाहवाली बरती जा रही है. पिछले कई महीनों से नगर निगम और इससे सटे मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र (प्लानिंग एरिया) में नक्शों की स्वीकृति में भारी लापरवाही सामने आ रही है. आलम यह है कि स्वीकृति के फाइनल स्टेज में 150 से अधिक नक्शे अटके पड़े हैं और पूरा प्रस्ताव ठंडे बस्ते में है. लंबित नक्शों में सबसे बड़ी संख्या आवासीय मकानों की है. नक्शा पास न होने के कारण आम लोगों को अपना आशियाना बनाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.बड़ी संख्या में लोग रोजाना अपने नक्शे की स्थिति जानने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं. लेकिन, विडंबना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी लगातार अपने चैंबर से नदारद मिल रहे हैं. घंटों इंतजार करने के बाद जनता मायूस होकर लौट जाती है.

Prabhat Khabar 2026 06 22T195302.592
मुजफ्फरपुर नगर निगम

अव्यवस्था से तंग आकर लोगों ने की महापौर से शिकायत

सोमवार को इस अव्यवस्था से तंग आकर कुछ परेशान लोगों ने इसकी शिकायत महापौर निर्मला साहू से की. मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने तुरंत संबंधित इंजीनियर को तलब किया और कड़ी फटकार लगाते हुए जानकारी मांगी. पता चला कि इंजीनियर के स्तर से जांच और तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर सभी नक्शों को स्वीकृत करने के लिए नगर आयुक्त के लॉगिन में भेजा जा चुका है. यानी, सबसे बड़ी पेंडेंसी नगर आयुक्त के स्तर पर ही अटकी हुई है.

दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) का भी बुरा हाल, 400 से अधिक मामले ठप

लापरवाही का यह खेल सिर्फ नक्शों तक सीमित नहीं है. नगर निगम क्षेत्र में शहरी जमीनों और मकानों के नामांतरण (दाखिल-खारिज/म्यूटेशन) की स्थिति भी बदतर हो चुकी है. वर्तमान में 400 से अधिक म्यूटेशन एवं नोटिस निर्गत करने के मामले लंबित पड़ेहैं. ये सभी मामले अपनी सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं और सिर्फ फाइनल हस्ताक्षर के लिए फाइलों में दबे हुए हैं. अधिकारियों की इस उदासीनता और लेटलतीफी के कारण मुजफ्फरपुर की जनता मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रही है. अब देखना यह है कि महापौर की इस पहल के बाद नगर आयुक्त के लॉगिन में बंद पड़ी इन फाइलों को कब तक मुक्ति मिलती है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel