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Home बिहार मुजफ्फरपुर ATM में कार्ड फंसा और खाते से उड़ गए ₹53,300, मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का नया तरीका

ATM में कार्ड फंसा और खाते से उड़ गए ₹53,300, मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का नया तरीका

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ATM में कार्ड फंसा और खाते से उड़ गए ₹53,300, मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का नया तरीका
ATM फ्रॉड का शिकार युवा, फोटो-एआई

मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट

Muzaffarpur ATM Fraud: अगर आपका एटीएम कार्ड कभी मशीन में फंस जाए, तो बूथ के अंदर लिखे किसी भी मोबाइल नंबर पर कॉल करने की गलती न करें. मुजफ्फरपुर में साइबर ठग इसी तरीके से लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं. अहियापुर में एक युवक से 53,300 रुपये की ठगी हुई, जबकि दूसरे मामले में फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए 60 हजार रुपये उड़ा लिए गए.

केस 1: ATM में कार्ड फंसा, फिर खाते से उड़ गए 53,300

मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में इसी तरह की ठगी में एक युवक के खाते से 53,300 रुपये उड़ा लिए गए. शत्रुघ्न शर्मा, जो झपहा डीह के रहने वाले हैं, मंगलवार को उमानगर मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे. इस दौरान उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया. एटीएम के अंदर एक मोबाइल नंबर (Fake Helpline Number) लिखा था. शत्रुघ्न ने उसे बैंक का आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर समझकर कॉल कर दिया.

फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को एटीएम का टेक्निकल असिस्टेंट बताया और मदद करने के बहाने उन्हें बातों में उलझा लिया. फोन पर बातचीत के दौरान ही पीड़ित के मोबाइल पर बैंक खाते से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे. जब तक उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तब तक उनके खाते से कुल 53,300 रुपये निकल चुके थे. 

केस 2: AC का रिमोट मंगाना पड़ा भारी

अहियापुर के रहने वाले बेगी सहनी भी साइबर ठगी का शिकार हो गए. उन्होंने इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजकर एसी का रिमोट बुक कराने के लिए संपर्क किया. ठगों ने पहले पांच रुपये ऑनलाइन भुगतान कराया और फिर उनके खाते से 60 हजार रुपये निकाल लिए. 

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पुलिस ने इस तरह की ठगी को लेकर क्या कहा?

पुलिस के अनुसार शहर में एटीएम बूथों पर फर्जी हेल्पलाइन नंबर लिखकर लोगों को ठगने वाला गिरोह सक्रिय है. इस तरह के सबसे अधिक मामले सदर थाना क्षेत्र में सामने आए हैं. इसके अलावा अहियापुर, मिठनपुरा और बेला थाना क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं.

ATM में कार्ड फंस जाए तो क्या करें?

कार्ड फंसने पर घबराएं नहीं. किसी अनजान मोबाइल नंबर पर कॉल करने के बजाय सीधे बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या शाखा से संपर्क करें. जरूरत पड़ने पर कार्ड तुरंत ब्लॉक कराएं.

इंटरनेट पर मिले Customer Care नंबर पर भरोसा क्यों नहीं करना चाहिए?

साइबर ठग फर्जी वेबसाइट और फर्जी नंबर इंटरनेट पर डाल देते हैं. इसलिए किसी भी कंपनी का नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लें.

अगर आपके साथ भी ऐसा हो जाए तो तुरंत करें ये काम

  • बैंक का कार्ड ब्लॉक करें
  • बैंक को सूचना दें
  • 1930 पर कॉल करें
  • साइबर पोर्टल पर शिकायत करें
  • नजदीकी थाने में FIR दर्ज कराएं

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अनिकेत एक पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया, पॉलिटिकल रिपोर्टिंग, हाइपरलोकल और ऑडियंस-फर्स्ट कंटेंट क्रिएशन का चार सालों से अधिक का एक्सपीरियंस है. उन्होंने बिहार की जमीनी राजनीति, ग्रामीण समाज, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि, शिक्षा, रोजगार, चुनाव, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर लगातार काम किया है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर एवं सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे बिहार स्पेशल समाचार, एक्सप्लेनर स्टोरी, ब्रेकिंग न्यूज और ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करते हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी पहचान ऐसे पत्रकार के रूप में बन रही है जो सिर्फ खबर नहीं लिखते, बल्कि उसके पीछे छिपे सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय पहलुओं को भी पाठकों के सामने सरल भाषा में रखने का प्रयास करते हैं. उनकी लेखन शैली बोलचाल की हिंदी, तथ्यात्मक प्रस्तुति और डिजिटल पाठकों की जरूरतों के अनुरूप मानी जाती है. वे विशेष रूप से उन विषयों पर काम करते हैं जिनका सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन पर पड़ता है. प्रभात खबर में वर्तमान भूमिका अक्टूबर 2024 से प्रभात खबर की डिजिटल टीम का हिस्सा बनने के बाद अनिकेत बिहार की राजनीति, प्रशासन, सरकारी योजनाओं, मौसम, कृषि, रोजगार, पंचायत, शिक्षा और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए तैयार कर रहे हैं. साथ ही मुजफ्फरपुर यूनिट में डिजिटल आउटपुट टीम को लीड कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में विशेष जिम्मेदारी अनिकेत के करियर का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय प्रभात खबर का विशेष चुनावी अभियान "इलेक्शन एक्सप्रेस" रहा है. इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट के तहत उन्हें फील्ड रिपोर्टर के रूप में चुना गया, जहां उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान लगभग 50 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जमीनी रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने गांवों, कस्बों और शहरों में मतदाताओं से सीधे संवाद किया. महिलाओं, युवाओं, पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के वंचित वर्गों की राय को सामने लाने का काम किया. उन्होंने चौपालों, जनसंवाद कार्यक्रमों और सड़क किनारे होने वाली राजनीतिक बहसों का संचालन किया और चुनावी मुद्दों, स्थानीय समस्याओं और जनभावनाओं पर आधारित अनेक विशेष रिपोर्ट तैयार कीं. इस प्रोजेक्ट ने उन्हें पॉलिटिकल रिपोर्टिंग, ग्राउंड जर्नलिज्म, जनसंवाद, डेटा आधारित विश्लेषण और तेजी से बदलते चुनावी माहौल को समझने का एक्सपीरियंस दिया. राजस्थान पत्रिका में चुनावी पत्रकारिता का अनुभव प्रभात खबर से पहले अनिकेत राजस्थान पत्रिका के डिजिटल वीडियो विभाग से जुड़े रहे. यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई. उनकी जिम्मेदारियों में वीडियो स्क्रिप्टिंग, फील्ड कोऑर्डिनेशन, रिसर्च और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट तैयार करना शामिल था. चुनावी माहौल में काम करने के दौरान उन्होंने मतदाताओं के मुद्दों, राजनीतिक रुझानों और स्थानीय जनभावनाओं को समझते हुए वीडियो और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से उन्हें व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया. न्यूजट्रैक में डिजिटल न्यूज ऑपरेशन अनिकेत ने न्यूजट्रैक में कंटेंट राइटर और सब एडिटर के रूप में भी कार्य किया. यहां उन्होंने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, ट्रेंडिंग विषयों और नेशनल हैपनिंग पर तेज गति से काम किया. उनकी भूमिका में डिजिटल न्यूज लेखन, कंटेंट एडिटिंग, SEO ऑप्टिमाइजेशन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए समाचारों को तैयार करना शामिल था. अनिकेत की विशेषज्ञता कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में है: -राजनीतिक रिपोर्टिंग और चुनाव कवरेज - हाइपरलोकल और जिला स्तरीय पत्रकारिता - SEO आधारित डिजिटल न्यूज लेखन - Google Discover कंटेंट स्ट्रैटेजी - एक्सप्लेनर आर्टिकल - सोशल मीडिया कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन - ग्राउंड रिपोर्टिंग - वीडियो स्क्रिप्टिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग - AI टूल्स और डिजिटल कंटेंट वर्कफ्लो - यूट्यूब ऑप्टिमाइजेशन शिक्षा और उपलब्धियां अनिकेत ने University of Allahabad से मीडिया स्टडीज में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है. पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपने कौशल को मजबूत करने के लिए उन्होंने Instagram Marketing और WordPress SEO से जुड़े प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी हासिल किए हैं. डिजिटल पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और प्रदर्शन के लिए उन्हें विभिन्न संस्थानों में "स्टार ऑफ द मंथ" और "टारगेट अचीवर" जैसे अवॉर्ड भी प्राप्त हुए हैं. आज अनिकेत कुमार का फोकस ऐसी पत्रकारिता पर है जो जमीनी हकीकत और डिजिटल तकनीक के बीच संतुलन बनाकर पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और प्रभावशाली जानकारी पहुंचाए. बिहार की राजनीति, समाज और विकास से जुड़े विषयों पर उनकी लगातार नजर रहती है, और वे डिजिटल युग की जरूरतों के हिसाब से हिंदी पत्रकारिता को नए आयाम देने की दिशा में सक्रिय हैं.
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