Muzaffarpur ASHA Workers Strike: मुजफ्फरपुर जिले में आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल लगातार जारी है. गुरुवार को मीनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में आशा कार्यकर्ताओं ने कार्यालयों में ताला जड़ दिया, जिससे ओपीडी समेत कई स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं. वहीं बंदरा CHC में भी धरना जारी रहने से मरीजों को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ी.
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मीनापुर CHC में 11वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
विभिन्न मांगों को लेकर चल रही हड़ताल के 11वें दिन आशा कार्यकर्ताओं ने मीनापुर CHC के कार्यालयों में ताला लगा दिया. इसके कारण ओपीडी सहित कई नियमित सेवाएं बाधित रहीं.
धरने पर बैठीं आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की.
प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती, एंबुलेंस भी नहीं मिली
टेंगरारी की शारदा देवी अपनी गर्भवती बहू को प्रसव पीड़ा होने पर मीनापुर CHC लेकर पहुंचीं, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल सका.
परिजनों का आरोप है कि दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हुई. मजबूरी में ऑटो से निजी अस्पताल के लिए रवाना होना पड़ा.
इसी तरह इलाज कराने पहुंचे कई मरीज बिना डॉक्टर से मिले वापस लौट गए. मरीजों ने कहा कि अब उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है.
विधायक अजय कुमार पहुंचे अस्पताल
हड़ताल के बीच मीनापुर विधायक अजय कुमार CHC पहुंचे और आशा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं.
उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार से बातचीत की और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लंबित भुगतान और अन्य मांगों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया.
विधायक ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के 11 माह से लंबित भुगतान पर बातचीत हुई है और भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
आशा कार्यकर्ताओं ने भी आश्वासन दिया कि शुक्रवार से इमरजेंसी और ओपीडी सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा.
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बंदरा में भी हड़ताल से प्रभावित हुई स्वास्थ्य सेवाएं
बंदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी आशा कार्यकर्ता संघ के बैनर तले 24 जून से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को नौवें दिन भी जारी रही.
प्रखंड अध्यक्ष निभा कुमारी के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने ओपीडी सेवा बाधित कर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
CHC प्रभारी ने क्या कहा?
बंदरा CHC के प्रभारी डॉ. नौशाद अहमद ने कहा कि हड़ताल के दौरान कुछ आशा कार्यकर्ता बिना अधिकार के भी स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर रही हैं, जो उचित नहीं है.
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं से लगातार बातचीत की जा रही है. हड़ताल के कारण कुछ स्वास्थ्य सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं.
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार बातचीत कर रहा है.
