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Home बिहार मुजफ्फरपुर दो हजार से अधिक सर्राफा व्यवसायी, लाइसेंस 318 के पास

दो हजार से अधिक सर्राफा व्यवसायी, लाइसेंस 318 के पास

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दो हजार से अधिक सर्राफा व्यवसायी, लाइसेंस 318 के पास

बिना हॉलमार्क के ज्वेलरी का कारोबार कर रहे अधिकतर व्यवसायीवर्ष 2021 से जिले में बिना हॉलमार्क लाइसेंस ज्वेलरी बेचना गैरकानूनी

उपमुख्य संवादाता, मुजफ्फरपुर. ज्वेलरी में हॉलमार्क अनिवार्य होने के कानून बनने के बाद भी जिले में हॉलमार्क का लाइसेंस लेने में सर्राफा कारोबारी रुचि नहीं ले रहे हैं. शहर से लेकर गांव तक दो हजार से अधिक सर्राफा प्रतिष्ठान होने के बाद भी अब तक महज 318 प्रतिष्ठानों के पास हॉलमार्क का लाइसेंस है. अन्य प्रतिष्ठान बिना हॉलमार्क के ही ज्वेलरी का कारोबार कर रहे हैं. हैरानी की बात है कि शहरी क्षेत्रों में भी कई बड़े प्रतिष्ठानों ने हॉलमार्क का लाइसेंस नहीं लिया है. ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के पटना कार्यालय से शहर में बार-बार वर्कशॉप चलाए जाने के बाद भी ज्वेलर्स लाइसेंस नहीं ले रहे हैं. वे बिना हॉलमार्क के ही सोने और चांदी के ज्वेलरी बेच रहे हैं. अब ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड कार्रवाई की तैयारी में है.

क्या है हॉल मार्क

हॉल मार्क यह प्रमाणित करता है कि ज्वेलरी में उपयोग किए जाने वाला धातु बीएसआइ की एजेंसी से निर्धारित मानक के अनुरूप है. बीआइएस का लोगो लगी ज्वेलरी को जांचने की जरूरत नहीं पड़ती. देश के किसी कोने में निर्धारित मूल्य पर इसकी वापसी हो जाती है. इसमें छह अंकों का एचयूआइडी नंबर होता है, जिसमें विक्रेता का नाम, सोने का कैरेट, निर्माण की तिथि इसका विवरण होता है.

शहर में दो हॉल मार्क सेंटर

बीआइएस लोगों के लिए शहर में दो सेंटर खुले हैं. निबंधित ज्वेलर्स अपनी ज्वेलरी को यहां से प्रमाणित कराते हैं. फिर उसकी बिक्री की जाती है. जिले के निबंधित ज्वेलर्स यहां से हॉल मार्क से प्रमाणित करा कर ही ज्वेलरी अपनी दुकान में रखते हैं. अगर किसी नयी ज्वेलरी का निर्माण होता है तो उसे इस हॉल सेंटर से प्रमाणित कराया जाता है फिर उसकी बिक्री की जाती है. इसका विवरण भी रसीद पर लिखा जाता है.

सभी दुकानदारों का लाइसेंस लेना अनिवार्य

सभी सर्राफा दुकानदारों को बीआइएस का लाइसेंस लेना अनिवार्य है. लाइसेंस नहीं लेने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. केंद्र सरकार के आदेशानुसार 23 जून, 2021 को पहले फेज में ही हॉलमार्क लाइसेंस को कई शहरों के साथ मुजफ्फरपुर के लिए भी अनिवार्य किया था. इसके बाद से लगातार बीआइएस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है. बावजूद अभी कई व्यवसायी हैं, जो बिना हॉलमार्क लाइसेंस के काम कर रहे हैं. लाइसेंस नहीं लेने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.

– सुनील सिंह, बीएसआइ, मुजफ्फरपुर

दुकानदारों के बीच चलाया जा रहा जागरूकता

बीआइएस लाइसेंस लेने के लिए दुकानदारों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है. सभी दुकानदारों को कहा जा रहा है कि वह हॉलमार्क का लाइसेंस लेकर अपना व्यवसाय करे. इससे वे कानूनी मुश्किलों में नहीं पड़ेंगे और आपके व्यवसाय में भी शुद्धता बरकरार रहेगी. संगठन की बैठकों में भी इस बात को रखा जा रहा है.

– विश्वजीत कुमार, महामंत्री, सर्राफा व्यवसायी संघ

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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