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Home बिहार मुजफ्फरपुर नैक मूल्यांकन नहीं होने के कारण विवि के हाथ से फिसला मेरू प्रोजेक्ट

नैक मूल्यांकन नहीं होने के कारण विवि के हाथ से फिसला मेरू प्रोजेक्ट

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नैक मूल्यांकन नहीं होने के कारण विवि के हाथ से फिसला मेरू प्रोजेक्ट

-प्रोजेक्ट में चयनित होने पर विवि को मिलता 100 करोड़ रुपये का अनुदान

-एलएनएमयू और पटना विवि का आवेदन स्वीकृत

मुजफ्फरपुर.

नैक मूल्यांकन नहीं होने के कारण बीआरएबीयू काे बड़ा झटका लगा है. विवि के हाथ से मेरू प्रोजेक्ट पिसल गया है. बीआरएबीयू से ही अलग होकर बने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा ने मेरू प्रोजेक्ट में बाजी मार ली है. इसके साथ ही पटना विश्वविद्यालय का भी आवेदन इस प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृत हो गया है. इस प्रोजेक्ट के तहत चयनित विश्वविद्यालयों को 100 करोड़ रुपये का ग्रांट मिलेगा.

जमा नहीं हो सका है एसएसआर

विश्वविद्यालय की नैक के प्रथम चरण की वैधता 2020 में ही समाप्त हो गयी थी. विश्वविद्यालय की ओर से आइआइक्यूए सब्मिट करने के बाद निर्धारित अवधि में एसएसआर जमा नहीं हो सका है. इस कारण दूसरे चरण का मूल्यांकन अटका हुआ है. यह इस प्रोजेक्ट में बड़ी बाधा बनी. विवि की ओर से कहा गया है कि अबतक प्रोजेक्ट के लिए चयनित नहीं होने से जुड़ी आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. बता दें कि अधिकारियों ने कहा था कि बताया कि उच्च शिक्षा निदेशालय ने विवि के प्राेजेक्ट को सराहा था.

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