[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुजफ्फरपुर भूमि संबंधी केस नहीं निपटा रहे, तीन माह का अल्टीमेटम

भूमि संबंधी केस नहीं निपटा रहे, तीन माह का अल्टीमेटम

0
भूमि संबंधी केस नहीं निपटा रहे, तीन माह का अल्टीमेटम

-डीसीएलआर पूर्वी व पश्चिमी में जमीन के 5500 केस डंप, डीएम हुए नाराज-दोनों कार्यालय के निरीक्षण में कहा-सप्ताह में पांच दिन कोर्ट जरूर लगाएं मुजफ्फरपुर. भूमि संबंधी मामलों के निपटारे में कोताही बरती जा रही है. इसपर डीएम सुब्रत कुमार सेन ने नाराजगी जतायी है. उन्होंने डीसीएलआर पूर्वी व पश्चिमी को जवाबदेही के साथ केस का निपटारा करने की हिदायत दी है. कहा है कि डीसीएलआर का मूल दायित्व जमीन से संबंधित अपीलीय वाद की सुनवाई करना है. इसके साथ ही कर्मियों के बीच सही से काम का बंटवारा करने व सप्ताह में कम से कम पांच दिन कोर्ट करने को कहा है. डीएम ने गुरुवार दोपहर में दोनों कार्यालय का निरीक्षण किया. जमीन संबंधी अपीलीय मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए जरूरी रणनीति, प्रक्रिया व पद्धति के बारे में बताया. उन्होंने कार्यालय में तैनात कर्मियों में से चार को पेशकार के रूप में जवाबदेही देने व उनमें से प्रत्येक को 600-700 लंबित मामलों का दायित्व देने का निर्देश दिया. निरीक्षण में जानकारी दी गयी कि डीसीएलआर पूर्वी कार्यालय में लगभग 3000 तथा डीसीएलआर पश्चिमी में करीब 2500 मामले लंबित हैं. डीएम ने दोनों डीसीएलआर को प्राथमिकता के आधार पर 3 माह के भीतर लंबित मामलों के निपटारे का निर्देश दिया है. वहीं, नये मामलों के प्रति पूरी संवेदनशीलता व जवाबदेही से काम करने को कहा है. कहा कि प्रत्येक माह लंबित मामलों की समीक्षा कर कार्य में प्रगति लाई जाएगी. डीसीएलआर का मूल दायित्व जमीन से संबंधित अपीलीय वाद की सुनवाई करना है. जिला में म्यूटेशन के मामलों के निष्पादन के निमित्त विशेष अभियान चलाकर लगभग 20000 मामलों का निष्पादन किया गया है जो उल्लेखनीय है. — कर्मी पर्याप्त, काम का बंटवारा कर जवाबदेही तय करें डीसीएलआर पूर्वी एवं पश्चिमी कार्यालय में लिपिक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर की संख्या काफी है. डीएम ने कर्मियों के बीच कार्य का बंटवारा करने व जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. जिन कर्मियों के द्वारा संचिका के निष्पादन में लापरवाही व शिथिलता मिली, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेंगे. रोकड़ पंजी, आगत पंजी, निर्गत पंजी की स्थिति की जांच की. सूचना का अधिकार ,लोक शिकायत, जन शिकायत, नीलाम पत्र वाद ,सेवा का अधिकार, सेवांत लाभ, डीएम /सीएम जनता दरबार के मामले, मानवाधिकार, लोकायुक्त के मामले, हाईकोर्ट केस, आपदा मामले, सरकारी भूमि के हस्तांतरण संबंधी अभिलेख की स्थिति आदि के मामले की समीक्षा कर कार्य में सुधार लाने का निर्देश दिये. डीएम के साथ अपर समाहर्ता राजस्व संजीव कुमार, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था सुधीर सिन्हा, अपर समाहर्ता आपदा मनोज कुमार, एसडीओ पूर्वी अमित कुमार, पश्चिमी बृजेश सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel