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Home बिहार मुजफ्फरपुर कमर आजम जैसे गुरु हमारे आदर्श होने चाहिये: वीसी

कमर आजम जैसे गुरु हमारे आदर्श होने चाहिये: वीसी

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कमर आजम जैसे गुरु हमारे आदर्श होने चाहिये: वीसी

दीपक 20

विवि के उर्दू विभाग में सेमिनार का आयोजन

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय ने कहा कि कमर आजम हाशमी जैसे गुरु हमारे आदर्श होने चाहिये. ज्ञान व विद्यार्थियों के प्रति उनकी निष्ठा के बारे में जानकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई. उन्होंने प्रोफेसर कमर की विद्वत्ता व सेवाओं को याद किया. बीआरएबीयू के उर्दू विभाग ने राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की. इसका विषय कमर आजम हाशमी : शास्त्रीय विरासत व समकालीन संवेदनशीलता का संक्षेपण रखा गया. जैनब यासमीन, शबिस्ता परवीन, शबाना परवीन, ज़रीना परवीन व नूर सलीमा ने विवि कुलगीत प्रस्तुत किया. शाश्वत श्याम व अभिषेक कुमार ने तबला व हारमोनियम पर संगीत दिया. स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सैयद आले ज़फर ने दिया. कहा कि प्रोफेसर हाशमी का शिक्षण, शोध व पत्रकारिता सेवाएं अविस्मरणीय हैं. मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो कनुप्रिया ने आयोजन को सराहा.

उर्दू का महान सिपहसालार बताया

मुख्य वक्ता ललित नारायण मिथिला विवि के पूर्व उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो रइस अनवर ने प्रो हाशमी को उर्दू का महान सिपहसालार बताया. अध्यक्षीय भाषण प्रो फारूक अहमद सिद्दीकी ने कहा कि प्रोफेसर कमर अजम हाशमी ईमानदार, मेहनती व सिद्धांतप्रिय शिक्षक थे. उन्होंने अध्यापन को हमेशा अपना लक्ष्य व इबादत माना. संचालन प्रो मोहम्मद हामिद अली खान व धन्यवाद ज्ञापन प्रो महबूब इकबाल ने किया. संगोष्ठी में कॉमर्स एवं मैनेजमेंट के डीन प्रो सैयद आले मुजतबा, प्रो अब्दुल बरकात, मुहम्मद इकबाल समी, मुहम्मद सलीमुल्लाह, प्रो मनोज, डॉ विनोद बैठा, डॉ सैयद अब्बास, डॉ इम्तियाज अंसारी समेत अन्य शिक्षक, शोधार्थी व छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

तकनीकी सत्र मेें छात्रों ने प्रस्तुत किये शोध पत्र

तकनीकी सत्र में ज़ैनब यासमीन, प्रो अबू मुनव्वर ग़िलानी, प्रो सैयद हसन अब्बास व डॉ ज़ैन रामिश ने शोध-पत्र प्रस्तुत किये. डॉ जलाल असगर फ़रीदी ने “अज़मत-ए-कमर” शीर्षक से कविता सुनायी. अध्यक्षता फखरुद्दीन आरिफी व प्रो रइस अनवर ने की. संचालन जेपी विवि, छपरा के उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो मजहर किबरिया ने किया.

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