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Home बिहार मुजफ्फरपुर 18 दिन बाद भी नहीं हुई डीडीइ में नामांकन के फी गबन मामले में प्राथमिकी

18 दिन बाद भी नहीं हुई डीडीइ में नामांकन के फी गबन मामले में प्राथमिकी

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18 दिन बाद भी नहीं हुई डीडीइ में नामांकन के फी गबन मामले में प्राथमिकी

-यूजीसी से प्रतिबंधित कोर्स में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में लिया गया था नामांकन-पैसे विभाग के खाते की जगह सीधे लिए गए थे -नये नियम व जांच के बाद केस दर्ज करने का हवाला दे रहे थानेदार -कई अन्य कोर्स में भी किया गया है गबन मुजफ्फरपुर. बीआरएबीयू के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में प्रतिबंधित कोर्स में नामांकन और उसके फी की राशि के गबन मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती जा रही है. लाखों रुपये के गबन को लेकर आवेदन देने के 18 दिन बाद भी मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है. थानेदार प्रवीण कुमार नये नियम का हवाला देकर पहले तो 14 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज करने की बात कहते रहे. अब वरीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने के नाम पर प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी कर रहे हैं. नया नियम लागू होने के बाद एसएसपी राकेश कुमार ने कहा था कि किसी भी आपराधिक मामले में इमेल से या लिखित शिकायत देने के बाद अविलंब प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. इसके बाद भी थानेदार का यह रवैया पुलिस विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है. गबन के मामले में कुलसचिव प्रो.अपराजिता कृष्णा की ओर से दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के सहायक नोडल पदाधिकारी डॉ कांतेश कुमार ने थाने में आवेदन दिया था. छह जुलाई को यह आवेदन दिया गया था. इसके बाद से मामले को टाल-मटोल कर दबाने की कोशिश की जा रही है. बता दें कि दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में पारा मेडिकल कोर्स में दाखिले के नाम पर 13 लाख से अधिक रुपये फी के रूप में लिये थे. यह राशि विभाग के खाते में न लेकर सीधे ले ली गयी थी. राशि से संबंधित कोई भी साक्ष्य विभाग में नहीं है. ऐसे में गबन का आरोप लगाते हुए तत्कालीन प्रशासनिक पदाधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया था. कई अन्य कोर्स में भी गबन की बात कही गयी है. जांच के दौरान यह मामला सामने आ सकता है. इस मसले पर थानेदार ने बताया कि अभी तक वरीय अधिकारियों का निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई करेंगे.

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