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फीका रहा मेला, दुकानदारों काे उठाना पड़ा घाटा

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फीका रहा मेला, दुकानदारों काे उठाना पड़ा घाटा

मेले में कांवरिये और स्थानीय लोगों की भीड़ नहीं होने से बिक्री प्रभावित

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

सावन की दूसरी सोमवारी को बेहतर व्यवसाय की उम्मीद कर रहे फुटपाथ दुकानदारों को घाटा उठाना पड़ा. कावंरियों के अलावा मेला घूमने वाले लोगों की संख्या कम होने के कारण डीएन हाइस्कूल से टावर तक सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ पर स्टॉल लगाए दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित रहा. सरैयागंज में चूड़ा, पेड़ा और इलायचीदाना का स्टॉल लगाए दुकानदार उम्मीद की अपेक्षा 50 फीसदी व्यवसाय नहीं कर पाये. दुकानदार प्रकाश कुमार ने कहा कि मेले को लेकर छत्तीसगढ़ का प्रसाद चूड़ा, खगड़िया का पेड़ा और इलायीदाना का स्टॉल लगाये थे. उम्मीद थी कि पिछले साल की तरह व्यवसाय होगा, लेकिन इस बार कांवरिये काफी कम आये. इस कारण बिक्री प्रभावित रही. चूड़ा और इलायचीदाना का उपयोग तो अगली सोमवारी को हो जायेगा, लेकिन पेड़ा खराब हो जायेगा. इसका घाटा उठाना पड़ेगा. सरैयागंज में ही शृंगार प्रसाधन सामग्री बेचने वाले सुनील कुमार ने कहा कि कांवरिये और स्थानीय लोग कम आये, इस कारण शृंगार प्रसाधन सामग्री कम बिकी. जिस उम्मीद से रात भर जग कर दुकान लगाये थे. वह उम्मीद पूरी नहीं हुई. अभी जितना स्टॉक है, वह चौथी सोमवारी तक भी खत्म नहीं होगा. ऐसा ही हाल खिलौने बेचने वाले दुकानदारों का भी था.

दुकानदार रवि प्रकाश ने बताया कि डीएन स्कूल में भी काफी कम कांवरिये रुके थे और जलाभिषेक के बाद आधे कांवरिये अंडीगोला के रास्ते निकल गए. सरैयागंज की तरफ कांवरिये कम आये, इसके अलावा हर बार मेले में खरीदारी करने वाले ग्राहक भी नदारद दिखे. इस कारण हमलोगों का व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ.

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