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मधुमक्खी पालन से युवा बन सकते हैं आत्मनिर्भर

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मधुमक्खी पालन से युवा बन सकते हैं आत्मनिर्भर

:: मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र वितरित प्रतिनिधि, मुशहरीबिहार कौशल विकास मिशन के तहत, भाकृअनुप–राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुसहरी में मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र दिए गए. यह प्रशिक्षण 27 फरवरी से 10 मई, 2025 तक आयोजित किया गया था, जिसमें कुल 54 युवाओं ने भाग लिया. इनमें से 50 युवाओं को सफलतापूर्वक मूल्यांकन पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ, जबकि चार अनुपस्थित रहे. इस प्रशिक्षण को बिहार कौशल विकास मिशन और बामेती, पटना ने प्रायोजित किया था. कार्यक्रम में केंद्र के निदेशक डॉ. विकाश दास ने कहा कि मधुमक्खी पालन युवाओं के लिए एक उत्कृष्ट रोजगारपरक क्षेत्र है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बना सकता है. उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण न सिर्फ शहद उत्पादन की तकनीक सिखाता है, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से व्यवसाय स्थापित करने में भी मदद करता है. डॉ. दास ने शहद के अलावा मोम, पराग, प्रोपोलिस और रॉयल जेली जैसे अन्य उत्पादों से होने वाली अतिरिक्त आय के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को गांव में ही स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे. बिहार में लीची शहद की बढ़ती मांग को देखते हुए, प्रशिक्षित युवा इसे बड़े पैमाने पर अपनाकर राज्य को शहद उत्पादन का केंद्र बना सकते हैं. प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. इप्सिता साम्ल ने शहद के औषधीय गुणों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है. कई प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें वैज्ञानिक पद्धति से शहद उत्पादन का मौका मिला है और वे अब अपने गांव में इस व्यवसाय को अपनाकर आत्मनिर्भर बनेंगे. प्रमाणपत्र वितरण समारोह में डॉ. भाग्या विजयन, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. सुनील कुमार और श्याम पंडित भी उपस्थित थे. जिन युवाओं को प्रमाणपत्र दिए गए, उनमें आंचल कुमारी, दीपक कुमार, फूल कुमारी, काजल कुमारी, विकास कुमार, मुस्कान कुमारी, नितीश कुमार, रवीना कुमारी, सान्या कुमारी, सतीश कुमार, वीरेंद्र कुमार, दिव्यांशु कुमार, हर्ष रंजन, मनोज भगत, प्रमोद कुमार, प्रेम कुमार सिंह, रंजीत कुमार, रूपेश कुमार, शशि किरण मिश्रा और कोमल कुमारी जैसे कई नाम शामिल हैं.

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