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Muzaffarpur: धूल से लोगों का जीना मुश्किल, बढ़ रहे एलर्जी और सांस रोग

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Muzaffarpur: धूल से लोगों का जीना मुश्किल, बढ़ रहे एलर्जी और सांस रोग

Muzaffarpur News: शहर में बिना मानक के निर्माण कार्य से कई इलाकों के लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है. नाला और सड़क के निर्माण में उड़ती धूल से लोगों का जीना दूभर हो गया है. बेला से मिठनपुरा, स्टेशन रोड, बैरिया और जेल रोड में निर्माण कार्य के कारण सुबह से ही सड़कों पर धूल का गुबार उड़ने लगता है, जब कोई गाड़ी गुजरती है तो पूरे वातावरण में धूल का कुहासा जम जाता है. 

नहीं हो रहा ग्रीन कवर का इस्तेमाल 

इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य में ग्रीन कवर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. बेला से मिठनपुरा रोड में रामकृष्ण मिशन का सबसे बड़ा अस्पताल है, जहां रोज एक हजार लोगों का आना जाना होता है. इसी इलाके में मॉल और कोचिंग संस्थान भी है. यहां से रोज दस हजार लोगों का आना जाना होता है, लेकिन इस इलाके में निर्माण कार्य की स्थिति ऐसी है कि एक बार इस सड़क से गुजरने के बाद कपड़ों पर धूल की परत जम जाती है. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब कपड़े पर धूल की परत जम जाती होगी तो लोगों के फेफड़े में कितना धूल जाता होगा, लेकिन इस पर निर्माण एजेंसी का ध्यान नहीं है. 

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प्रोजेक्ट मैनेजर ने क्या कहा ? 

बुडको मुजफ्फरपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्रीनिवास प्रसाद ने कहा गुणवत्ता एवं मानक का ख्याल रखते हुए निर्माण का आदेश दिया गया है. गुणवत्ता में गड़बड़ी होगी, जो जांच करा कार्रवाई की जायेगी. पैमाइश के बाद आरसीडी से जो अलायमेंट मिला था, उसी आधार पर नाला का निर्माण करना है. गड़बड़ी मिलने पर ठेकेदार से शो-कॉज करेंगे.

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