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Home बिहार मुजफ्फरपुर रामकथा सुन कर भाव विह्वल हुए भक्त, राम नाम के लगे जयकारे

रामकथा सुन कर भाव विह्वल हुए भक्त, राम नाम के लगे जयकारे

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रामकथा सुन कर भाव विह्वल हुए भक्त, राम नाम के लगे जयकारे

रामविलास नगर में चल रही रामकथा में भक्तों की रही भीड़

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

आश्रम घाट रोड स्थित रामविलास नगर में धर्म जागरण समन्वय उत्तर बिहार की ओर से चल रहे श्रीराम कथा महायज्ञ में सोमवार को कथावाचक देवकीनंदन भारद्वाज ने प्रभु श्रीराम के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला़ कथा में राजा जनक और प्रभु श्रीराम का संवाद, सुग्रीव-राम संवाद, माता सीता-हनुमान संवाद और लंका दहन की कथा का वर्णन किया गया. कथावाचक ने बताया कि कैसे हनुमान अपना परिचय सुग्रीव के कुल पुरोहित केसरी नंदन के रूप में देते हैं और श्रीराम से उनके आगमन का कारण पूछते हैं. श्रीराम बताते हैं कि माता शबरी ने उन्हें सुग्रीव का पता दिया था, जो रावण तक पहुंचने में उनकी सहायता कर सकते हैं. हनुमान के आग्रह पर लक्ष्मण अपना परिचय देते हुए कहते हैं कि वे परम प्रतापी अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र राम और लक्ष्मण हैं. राम नाम सुनते ही हनुमान विस्मय से प्रभु के चरणों में गिर पड़ते हैं, जिसे देख श्रीराम उन्हें उठाकर हृदय से लगा लेते हैं और कहते हैं कि तुम मेरे लक्ष्मण और भरत के समान ही प्रिय हो. इसके बाद हनुमान, राम और लक्ष्मण को अपने कंधे पर बैठाकर सुग्रीव के पास ले जाते हैं. सीता माता की खोज के लिए अंगद ने हनुमान को सबसे शक्तिशाली बताया और कहा कि समुद्र को केवल वही लांघ सकते हैं. शक्तियों को याद आने के बाद हनुमान समुद्र लांघकर लंका पहुंचे. रावण के राजमहल में सीता को न पाकर उनकी मुलाकात विभीषण से हुई, जिन्होंने सीता माता का पता बताया. कथा के दौरान भक्तों ने रामनाम का जयकारा भी लगाया. बिहार सांस्कृतिक विकास परिषद के सचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा कि श्रीराम ने कभी भी अपने व्यक्तिगत सुख को परिवार और समाज की प्रतिष्ठा से ऊपर नहीं रखा. उन्होंने पिता के कहने पर भाई के लिए राजपाट त्याग कर वनवास पर चले गए और माता कैकेयी को कभी गलत नहीं समझा. इस मौके पर महायज्ञ के मुख्य यजमान वार्ड पार्षद गणिता देवी, दीपू सहनी, चंदेश्वर राम और सुशीला देवी रहीं. इस मौके पर रामेश्वर पासवान, धर्मेंद्र पासवान, प्रभु साह, सिंधु कुमारी, अरुण कुमार राणा, मनोज मिश्रा, दीनानाथ झा, राम उदय सहनी, बिरजू सहनी, राकेश पटेल, संजय पंडित, शंकर राय, गणेश पटेल व योगेंद्र राम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.

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