[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुजफ्फरपुर बेजोड़ कथा व निर्देशन से रंगमंच को तराशा, देंगी प्रस्तुति

बेजोड़ कथा व निर्देशन से रंगमंच को तराशा, देंगी प्रस्तुति

0
बेजोड़ कथा व निर्देशन से रंगमंच को तराशा, देंगी प्रस्तुति

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुररंगमंच सिर्फ मनोरंजन का साधन ही नहीं बल्कि यहां प्रतिभा को भी निखारा जा सकता है. एक दौर था जब नाटक व फिल्मों में महिलाओं के किरदार पुरुष निभाते थे. समय के साथ महिलाओं ने सामाजिक ताने सुनने, परिवार के विरुद्ध जाकर न केवल पुरुषों के मिथक को तोड़ा, बल्कि अपनी पहचान बनाने के साथ रंगमंच को भी नया आयाम दिया. बिहार संगीत नाटक अकादमी इस वर्ष महिला नाट्य महोत्सव का आयोजन कर रहा है. यह पहली बार हो रहा है, जब महिलाओं को कला के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजना बनी है. नाट्य महोत्सव को लेकर महिला कलाकारों व निर्देशकों में खुशी है. जिले से भी कई महिला नाट्य निर्देशक महोत्सव में शामिल होने के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन संलग्न कर रहे हैं. आवेदन की अंतिम तिथि चार फरवरी रखी गयी है. नाट्य महोत्सव में शामिल होने के लिए नाटक किसी महिला कलाकार द्वारा निर्देशित होना चाहिए. साथ ही नाटक में महिला कलाकार की मुख्य भूमिका हो. नाट्य महोत्सव पटना के प्रेमचंद रंगशाला में किया जायेगा. नाट्य महोत्सव की तिथि की घोषणा भी जल्द की जायेगी. रंगकर्म में महिलाओं को बढ़ावा दिये जाने पर महिला निर्देशकों में उत्साह है.

इस तरह के आयोजन से बनेगा माहौल

रंगकर्म में लड़कियों की काफी कमी है. हमारा समाज इसके लिए तैयार नहीं होता. बावजूद कुछ लड़कियां अच्छा काम कर रही हैं. बतौर कलाकार के अलावा नाटकों का निर्देशन भी कर रही हैं. बिहार सरकार ने महिला सशक्तीकरण में रंगकर्म को शामिल किया है, यह अच्छी बात है. इससे लड़कियां इस क्षेत्र में आयेंगी. नाटक के जरिये वे अपना कॅरियर भी बना सकती हैं. साथ ही एक माहौल भी विकसित होगा, इससे लड़कियां रंगकर्म के क्षेत्र में आयेंगी. आने वाले समय में मुजफ्फरपुर रंगकर्म के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनायेगा. -अंकिता सिन्हा, नाट्य निर्देशक

महिला रंगकर्मी की प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

नाट्य निर्देशन के क्षेत्र में महिलाएं बहुत कम हैं. जो काम भी कर रही हैं, उनकी प्रतिभाओं का आकलन नहीं किया जाता. जीवन के हर क्षेत्र में जिस तरह पुरुषों के साथ कदम मिला कर महिलाएं चल रही हैं, उसी तरह रंगकर्म में भी महिलाएं आगे बढ़ने में सक्षम हैं. मुजफ्फरपुर सहित पूरे उत्तर बिहार में कई ऐसी महिलाएं हैं, जो रंगकर्म के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें पहचान नहीं मिली है. सरकार ने महिला नाट्य महोत्सव का आयोजन की घोषणा कर महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है. इससे समाज की सोच बदलेगी. -प्रियंका सिंह, नाट्य निर्देशक

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel