मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर बागमती परियोजना के दाेनाें तटबंधों के बीच आये तीन हजार परिवार को जल्द मकान मय सहन का मुआवजा मिलेगा. एक दर्जन मौजा के भू-धारियों का मकान मय सहन का मुआवजा आकलन व भुगतान के लिए अधिसूचना भेजी गयी है. इनके भू-अर्जन की अधिसूचना जारी होने से करीब तीन हजार परिवाराें काे मुआवजा का आकलन होने के बाद भुगतान किया जायेगा. पूर्व में 11 माैजा का अधिसूचना भेजने के बाद बागमती प्रमंडल रुन्नीसैदपुर ने गंगिया परमानंदपुर मौजा का भी अधिसूचना जिला भू-अर्जन कार्यालय को भेज दिया है. इसके लिए अधिसूचना जारी होने के बाद अब इन सभी मौजों में बागमती के दाेनाें तटबंध के बीच बसे परिवाराें काे मुआवजा राशि का भुगतान हाे जायेगा. जिले के औराई व कटरा में वर्ष 2009 के बाद बागमती तटबंध विस्तार होने के बाद भी अब तक दाेनाें तटबंधों के बीच में आये गांव के मौजा के परिवाराें काे मकान मय सहन मुआवजा का भुगतान नहीं हुआ है. इसके साथ ही उन्हें दाेनाें तटबंधों के बाहर बसने के लिए जमीन का आवंटन नहीं होने से सभी गांवों के परिवार प्रत्येक वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलने काे मजबूर हैं. वर्तमान समय बागमती के दाेनाें तटबंधों के बीच करीब तीन दर्जन गांव व टाेला आ गये हैं. इसमें एक दर्जन मौजा के परिवारों के मुआवजा का भुगतान शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हुई है. इन एक दर्जन मौजा के परिवाराें काे मुआवजा राशि का भुगतान होने से करीब 3000 से अधिक विस्थापित होने वाले परिवारों को राहत मिलेगी. बागमती परियोजना रून्नीसैदपुर के कार्यपालक अभियंता द्वारा भेजी गयी अधिसूचना के अनुसार बरारी उर्फ बरांडी, बरांडी उर्फ बरांडी बुजुर्ग, नवादा उर्फ खंगुराखुर्द, नवादा उर्फ खंगुराखुर्द चादर नंबर-2, चनाैली, धर्मपुर शीतल, बरहेटा रमई उर्फ माेहनपुर, हरपुर उर्फ कमालपुर, जमालपुर काेदई, अजीतपुर बकुची, मथुरापुर बुजूर्ग तथा गंगेया परमानंदपुर मौजा में आकलन के बाद लाेगाें काे मकान मय सहन का मुआवजा भुगतान किया जायेगा.