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युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण में अगलगी से बचाव को किया जागरूक

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युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण में अगलगी से बचाव को किया जागरूक

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई ने सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण के तीसरे दिन गुरुवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर के कैंपस में ””आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन”” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किये गये. इसमें मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में डॉ प्रभाकर पोद्दार ने जीआरटी शील्ड मॉडल की चर्चा की, जबकि बीआरएम कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या ने महिला सशक्तीकरण विषय पर प्रभावपूर्ण भाषण प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि वैचारिक क्रांति के बिना भारत में महिलाएं सशक्त नहीं हो सकती. प्रशिक्षण सत्र में आग बुझाने के तरीके, धुएं से बचाव का प्रशिक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने के कारण, मवेशियों या फसल को आग से बचने का तरीका बताया गया. आग लगने के उपरांत घायलों की अस्पताल लाने से पूर्व चिकित्सा करने की विधियों के बारे में भी जानकारी दी गयी. अगलगी के दौरान मॉक ड्रिल, सीपीआर का मॉडल ड्रिल, रक्तस्राव का मॉक ड्रिल तीन ग्रुप में बांटकर किया गया. सभी प्रतिभागियों ने प्रायोगिक ज्ञान प्राप्त किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ आज के प्रशिक्षण शिविर का समापन किया गया. प्रशिक्षण हाइब्रिड मॉडल में दिया गया. पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के साथ-साथ फील्ड एक्टिविटी ने प्रशिक्षण को रोचक बना दिया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनिंग का संयोजन कार्यक्रम समन्वयक मुनींद्र कुमार सिंह कर रहे हैं. जबकि प्रशिक्षकों के रूप में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) से अनुपम कुमार पंडित, शत्रुधन कुमार, राजू कुमार, रितेश कुमार, खुशबू कुमारी, प्रीति कुमारी शामिल थी. कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस कार्यालय कर्मी सौरभ शांडिल्य, सुशांत, विमलेश, मृत्युंजय, अभिजीत राज के साथ डॉ संजय मांझी, डॉ अनीश अहमद, डॉ शुभम कुमार, डॉ प्रियरंजन तिवारी, डॉ अंशु राय, डॉ प्रभाकर पोद्दार, बीआरएम की प्रभारी प्राचार्या डॉ नेहा कुमारी, कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ राजकिशोर प्रसाद, डॉ अरुण कुमार, डॉ भास्कर मिश्रा, डॉ कुमार बलवंत सिंह ने अहम भूमिका निभायी.

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