[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर नारी में धैर्य, समर्पण, सहानभूति, करुणा व सहनशीलता की भावना अधिक

नारी में धैर्य, समर्पण, सहानभूति, करुणा व सहनशीलता की भावना अधिक

0
नारी में धैर्य, समर्पण, सहानभूति, करुणा व सहनशीलता की भावना अधिक

मुंगेर. नारी में धैर्य, समर्पण, सहानभूति, करुणा और सहनशीलता की भावना अधिक होती है, जो उन्हें जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफल बनाती है. ये बातें सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर में आयोजित विद्यालय स्तरीय सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में उसकी अध्यक्षता करते हुए उच्च माध्यमिक विद्यालय की अध्यापिका डॉ बबली कुमारी ने कही. सप्तशक्ति संगम कार्यशाला की प्रांत सह संयोजिका राखी कुमारी ने कहा कि कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण का संबंध भारतीय संस्कृति में पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण को मजबूत करता है. हमारा सामूहिक दायित्व है कि हम पौधरोपण, जल संरक्षण के लिए कार्य करें और प्लास्टिक का उपयोग दैनिक जीवन में नहीं करें. उन्होंने कहा कि माताएं बच्चों को ऐसा संस्कार दें, जो कुल की मर्यादाओं को बढाएं. नारी परिवार की आधारशिला होती है, जो परिवार को मजबूत बनाती है. हम जैसा कार्य करेंगे, बच्चे हमारा वैसा ही अनुसरण करेंगे. सुख समृद्धि का श्रेय माताओं को ही जाता है. वह अपने बच्चों के लिए श्री यानि सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य के निर्माण के लिए दशा एवं दिशा तय करती हैं. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि व संयोजिका सहित पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्या कीर्ति रश्मि, प्राथमिक खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या सुजिता कुमारी एवं पूर्व शिक्षिका शाशिबाला सिन्हा ने संयुक्त रूप से भारत माता की तस्वीर पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलित कर किया. भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका विषय को प्राथमिक परिसर की प्रधानाचार्या ने रखा. विशिष्ट माताओं का सम्मान शिक्षिका सीमा कुमारी ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel