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Home बिहार मुंगेर आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभुकों का होगा चेहरा सत्यापन, फिर मिलेगा पोषण आहार

आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभुकों का होगा चेहरा सत्यापन, फिर मिलेगा पोषण आहार

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आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभुकों का होगा चेहरा सत्यापन, फिर मिलेगा पोषण आहार

चेहरा सत्यापन की नयी व्यवस्था आंगनबाड़ी केंद्रों पर रोकेंगी लाभुकों के नाम पर हो रही हेराफेरी

मुंगेर. आंगनबाड़ी केंद्रों पर टेक होम राशन वितरण को पारदर्शी बनाने को लेकर सरकार ने निर्णय लिया है. सरकार ने टेक होम राशन (टीएचआर) के लिए फेस वेरिफिकेशन और ओटीपी व्यवस्था लागू करने जा रही है. जो धात्री महिलाएं केंद्रों तक पोषण आहार लेने आयेगी, उनका फेस रीडर बायोमेट्रिक सिस्टम से सत्यापन किया जायेगा. यानी महिलाओं को चेहरा पढ़ने के बाद ही उन्हें पोषण आहार दिया जायेगा. ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वास्तविक लाभार्थी को ही योजना का लाभ दिया जा रहा है. इतना ही नहीं गर्भवती महिलाएं अगर केंद्र तक नहीं आ पायेगी तो उनकी जगह उनका पोषण आहार लेने आने वाले अन्य स्वजन के माध्यम से मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर भी सत्यापन किया जा सकेगा. इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य टेक होम राशन वितरण में जालसाजी को रोकना और सही लाभुक तक योजना का लाभ पहुंचाना है.

पोषण ट्रैक एप में ही जुड़ेगी सुविधा

मिली जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण ट्रैक एप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी ट्रैकिंग व्यवस्था चल रही है. उसमें ये दो व्यवस्थाएं और लागू हो जायेगी. इस प्रक्रिया में लाभार्थियों का पंजीकरण करते समय उनके फोटो खींचने, आधार डेटाबेस से उनके प्रमाणीकरण या ई-केवाईसी और राशन वितरण के दौरान खींचे गए फोटो से मिलान करने का काम शामिल है. इसके अलावा लाभार्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक विशिष्ट ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे सेविका को दिखाना होगा, ताकि राशन डिलीवरी प्रक्रिया पूरी हो सके. जिले में 15 हजार 97 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. जिसमें आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं काम कर रहीं है. आंगनबाड़ी सेविका को राज्य सरकार ने स्मार्ट फोन भी दे रखा है. फेस वैरिफिकेशन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में व्यवस्था की जायेगी.

सीडीपीओ स्तर से सेविकाओं को दी जा रही विशेष प्रशिक्षण

नयी व्यवस्था से न केवल फ्रॉड राशन वितरण प्रणाली पर पूर्ण विराम लगेगा. वहीं पात्र महिलाओं को ही राशन वितरण होगा. इसको लेकर पिछले दिनों जिले के सभी सीडीपीओ को मुख्यालय स्तर पर पटना में प्रशिक्षण दिया गया. जिसके बाद अब सीडीपीओ स्तर से आंगनबाड़ी सेविका का अलग-अलग बैच तैयार कर इसको लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिसमें उनको केंद्र पर पोषण ट्रैकर एप का इस्तेमाल कैसे किया जाना है, इसकी जानकारी उन्हें विस्तार से दी जा रही है. साथ ही टेक होम राशन वितरण के दौरान चेहरे का सत्यापन कैसे करना है, इसकी भी जानकारी दी जा रही है, ताकि उन्हें केंद्र पर कार्य के दौरान कोई भी परेशानी ना हो. विदित हो कि पहले राशन वितरण के दौरान चेहरे का सत्यापन नहीं होता था, लेकिन अब लाभुक यदि टेक होम राशन लेने आते हैं तो उनके चेहरे का सत्यापन जरूरी है.

क्या है टेक होम राशन

पोषण आहार को टेक होम राशन (टीएचआर) कहा जाता है. आंगनबाडी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए सूखा राशन वितरित किया जाता है. यह सूखा राशन चयनित किशोरियों को भी उपलब्ध होता है. इसे टेक होम राशन कहते हैं.

कहती हैं आईसीडीएस डीपीओ

आईसीडीएस डीपीओ रेखा कुमारी ने बताया कि सरकार ने पोषण आहार वितरण व्यवस्था में फर्जीवाड़ा रोकने और उसे पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. अब लाभुकों का चेहरा सत्यापन कर ही उनको पोषण आहार दिया जायेगा. सरकार की मंशा है कि जिनके लिए योजना चलायी जा रही है वैसे वास्तिविक लाभुक को योजना का लाभ मिले. इसको लेकर सभी सीडीपीओ को मुख्यालय स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है. अब सीडीपीओ स्तर से बैच बनाकर सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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