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Home बिहार मुंगेर रफ्तार का कहर : हादसों से लाल हो रही हैं सड़कें, सात महीने में 45 ने गंवाई जान

रफ्तार का कहर : हादसों से लाल हो रही हैं सड़कें, सात महीने में 45 ने गंवाई जान

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रफ्तार का कहर : हादसों से लाल हो रही हैं सड़कें, सात महीने में 45 ने गंवाई जान

– सड़क सुरक्षा समिति गंभीरता से नहीं कर रही काम, सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही बढोतरी

मुंगेर

मुंगेर की सड़कों पर रफ्तार कहर बन टूट रही है. हादसों के कारण सड़कें लाल हो रही है. सात महीने में 45 लोगों ने अपनी जान सड़क हदासे में गंवाई है. जिसके कारण कोई अनाथ हो गया तो किसी का सहारा छीन गया. बावजूद जिम्मेदार सड़क दुर्घटना रोकने के प्रति गंभीर नहीं है. सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें तो होती है. लेकिन उसको गंभीरता से नहीं लिया जाता है. लगातार सड़कों पर हो रही मौत के प्रति जिम्मेदारों को सजग होना होगा और दुर्घटना की वजहों को तालाश कर उसकी रोक-थाम के लिए कदम उठाना जरूरी हो गया है.

सात माह में 45 लोगों ने गंवाई जान

सड़क हादसों के कारण जनवरी 2024 से लेकर अब तक 45 लोगों की मौत हो गयी है. जबकि 100 से अधिक लोगों जख्मी हुए. मौत के कारण किसी के घर का चिराग बुझ गया तो किसी का सहारा छीन गया. कोई विधवा हो गयी तो कोई अनाथ हो गया. सर्वाधिक मौत अप्रैल महीने में घटित हुई, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई थी. मार्च महीने में 9 और मई में 7 लोगों की जान गयी. जुलाई में अब तक 3 लोगों की जान चली गयी. संग्रामपुर, तारापुर, श्रीकृष्ण सेतु, एनएच-333 बी बनौधा, एनएच-80 पर इस माह एक दर्जन से अधिक दुर्घटना हुई. जिसमें 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. अधिकांश लोगों को सदर अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया.

सड़क सुरक्षा समिति को तलाशनी होगी वजहें

सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए वजहें तलाशने की जरूरत है. सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें तो होती है, उसमें हादसों पर खूब चर्चा होती है. लेकिन हादसों पर नियंत्रण के लिए जो गंभीरता दिखनी चाहिए वह दिखाई नहीं पड़ती. एनएच-80, एनएच-333बी, स्टेट हाइवे एवं अन्य सड़कों पर 100 से अधिक ब्लैक स्पॉट है. लेकिन साइनेज कुछ ही स्थानों पर दिखती है. परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा के तहत मुख्यालय तक ही सिमट कर रह जाती है. लगातार घट रही सड़क दुर्घटना यह बताने को काफी है कि जिम्मेदार परिवहन विभाग, यातायात थाना, मुंगेर पुलिस पूरी तरह से लापरवाह है. जबकि सड़क बनाने वाली विभाग भी इसके लिए जिम्मेदार है. क्योंकि उसको ही सड़क पर हादसों को रोकने के लिए साइनेज, रबर स्ट्रीट, रिफलेक्टर लाइट एवं अन्य व्यवस्था करनी है. लेकिन इन व्यवस्थाओं की घोर कमी मुंगेर की सड़कों पर देखने को मिल रही है. जिसके कारण दुर्घटना में वृद्धि हो रही है.

नाबालिंग व अप्रशिक्षित के हाथों में स्टेरिंग बढ़ा रही दुर्घटना

मुंगेर की सड़कों पर नाबालिंग और अप्रशिक्षित हाथों में यात्री वाहनों के स्टेरिंग की कमान है. एनएच हो अथवा अन्य सड़क आपको ऐसे चालकों पर नजर पड़ ही जायेगी. जिसको यातायात नियमों की जानकारी नहीं होती है. जिसके कारण वह दुर्घटना को अंजाम दे देते है. इन पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदारों की तरफ से कोई अभियान भी नहीं चलाया जाता है. इतना ही नहीं मोटर साइकिल सवार भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है. लगातार पुलिस द्वारा हेलमेट चेकिंग होने के बावजूद हेलमेट के प्रति वह सजग नहीं होते है. जिसके कारण दुर्घटना में अधिकांश मोटर साइकिल सवार की ही मौत हो रही है. मोटर साइकिल सवार का स्टंट और ट्रीपल लोडिंग तथा वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग भी दुर्घटना को बढ़ावा दे रही है.

केस स्टडी – 1

4 जुलाई 2024 – मुंगेर-लखीसराय मुख्य मार्ग एनएच-80 पर फरदा के समीप एक अज्ञात वाहन ने 65 वर्षीय वृद्ध ब्रह्मदेव पाठक को कुचल दिया. जो फरदा डीहटोला का रहने वाला था. घटना उस समय हुई जब वह बहियार से शौच कर सड़क पार कर रहा था.

केस स्टडी-2

14 जुलाई 2024 – मुंगेर-लखीसराय मुख्य मार्ग एनएच-80 लगमा के समीप मोटर साइकिल दुर्घटना में शिवकुंड निवासी रविेंद्र महतो के 18 वर्षीरू पुत्र सूरज कुमार की मौत हो गयी. वह ट्रीपल लोड होकर मुंगेर बाजार से वापस अपने घर शिवकुंड जा रहा था जब यह घटना हुई.

केस स्टडी -3

22 जुलाई 2024 – श्रीकृष्ण सेतु एनएच-333 बी एप्रोच पथ वानिकी कॉलेज के समीप एक अनियंत्रित स्कॉर्पियों ने मोटर साइकिल सवार को टक्कर मार दी. जिसमें मोटर साइकिल का परखच्चा उड़ गया और सवार धरहरा थाना क्षेत्र के बंगलवा निवासी योगेंद्र यादव के 40 वर्षीय पुत्र संजीत यादव की मौत हो गयी.

किस माह कितने की हुई मौत

महीना मौत घायल

जनवरी 00 06

फरवरी 07 08

मार्च 09 05

अप्रैल 12 20

मई 10 25

जून 04 10

जुलाई अबतक 03 30

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कहते हैं पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए पुलिस और यातायात पुलिस लगातार काम कर रही है. ओवर स्पीट वाहनों को रोक कर हिदायत दी जाती है. सीट बेल्ट और हेलमेट चेकिंग अभियान लगातार चलाया जाता है. रोड सेफ्टी के बारे में भी समय-समय पर पुलिस विभाग अभियान चला कर वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देने का काम करती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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