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प्राइवेट विद्यालयों में गरीब बच्चों का होना है नामांकन : सचिव

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प्राइवेट विद्यालयों में गरीब बच्चों का होना है नामांकन : सचिव

मुंगेर. विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान एडीआर भवन में चल रहे बच्चों के मैत्रीपूर्ण विधिक सेवा योजना 2024 विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला बुधवार को समाप्त हो गया. दूसरे दिन पैनल अधिवक्ता एवं पीएलवी को इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी गयी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव दिनेश कुमार, सेवानिवृत अपर जिला व सत्र न्यायाधीश रमन कुमार ने बच्चों के मैत्रीपूर्ण विधिक सेवा योजना 2024 सभी बिंदुओं से अवगत कराया. प्राधिकार के सचिव ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राइवेट विद्यालयों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों का नामांकन होना है. इसके लिए पीएलवी सक्रिय रह कर कार्य को अंजाम दे. इस दौरान किसी प्रकार का परेशानी आती है तो इसकी सूचना प्राधिकार को दे. उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय परिषद में आए बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार बनाना है. सदैव उसको निर्दोष की नजर से देखें. मानसिक व शारीरिक रूप से अस्वस्थ्य बच्चों के लिए विशेष कार्य करना है. किशोर न्याय परिषद के बच्चों को केस संबंधित जानकारी देते रहना है. केस के हर स्टेज से उसे अवगत कराना है. अगर वह ऊपरी अदालत में जाना चाहेंगे तो उसे मदद प्रदान करना है. शिक्षा विभाग डीपीओ फारूक रहमान ने बताया कि राईट टू एजुकेशन एक्ट के अंतर्गत 0 से 14 वर्ष तक के बच्चों को प्राइवेट विद्यालयों में नामांकरण होना है. जिसकी प्रक्रिया ज्ञानदीप पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देने से शुरू होता है. इधर कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकार के अनुरोध पर बच्चों के लिए विधिक सेवा, बाल साक्षी, दत्तक ग्रहन, अपराध के शिकार बच्चे हिरासत और संरक्षकता मामले में शामिल बच्चे, कैदियों के बच्चे तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत विवाह निरस्तीकरण या राहत की मांग करने वाला बच्चा विषय पर प्रशिक्षण दिया गया. इसके साथ ही बच्चों से संबंधित अन्य अधिनियम पर भी चर्चा की गयी. मौके पर एलएडीसी के डिप्टी चीफ राजकिशोर साह, अधिवक्ता राकेश कुमार, पैनल अधिवक्ता मृदुला कश्यप, राजेश कुमार, अनीता सक्सेना, जेजेबी मेंबर डॉ शिखा सिंन्हा, सीडब्लूसी के सदस्य मनीषा कुमारी, पीएलवी संजीव कुमार, निरंजन कुमार सहित अन्य मौजूद थे.

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