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गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस पर लगाये गये पीपल के पेड़

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गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस पर लगाये गये पीपल के पेड़

जमालपुर. गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस पर पर्यावरण भारतीय द्वारा रविवार को देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण किया गया. नेतृत्व हरि महेश यादव ने किया. ईं. प्रवीण कुमार बरनवाल ने कहा कि भारत के संतों, गुरुओं तथा शहीदों के नाम पर पौधारोपण अभियान से ही पर्यावरण संरक्षण होगा. अतः संसार में सभी मानव एक वृक्ष महापुरुष के नाम अभियान चलाएं. पर्यावरण भारती संस्थापक रामविलास शांडिल्य ने बताया कि भारत में धर्म की रक्षा के लिए सिख पंथ के नव में गुरु तेग बहादुर साहब 24 नवंबर 1675 को अपना बलिदान दिया था. 24 नवंबर को प्रत्येक वर्ष गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस मनाया जाता है. उनका जन्म पंजाब प्रांत के अमृतसर में 1 अप्रैल 1621 को हुआ था. जब वे 14 वर्ष के थे, तभी पिताजी गुरु हरगोबिंद सिंह जी के साथ मिलकर मुगलों से युद्ध किया और विजय प्राप्त किया. 1675 में कश्मीरी पंडितों और अन्य हिंदुओं को मुगल बादशाह औरंगजेब जबरन मुसलमान बनाते थे. इसका गुरु तेग बहादुर साहब ने कड़ा विरोध किया. परिणाम स्वरुप औरंगजेब ने दिल्ली के चांदनी चौक पर उनका सिर काट दिया था. उनके पुत्र गुरु गोविंद सिंह जी सिख पंथ के अंतिम एवं दसवें गुरु हुए. मौके पर मनीष आनंद, महेश यादव, रवि पप्पू कर्मवीर, रणवीर आदि मौजूद थे.

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