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Home बिहार मुंगेर होल्डिंग टैक्स वसूली में निगम प्रशासन का छूट रहा पसीना, आठ माह में 50 प्रतिशत भी नहीं हुई वसूली

होल्डिंग टैक्स वसूली में निगम प्रशासन का छूट रहा पसीना, आठ माह में 50 प्रतिशत भी नहीं हुई वसूली

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होल्डिंग टैक्स वसूली में निगम प्रशासन का छूट रहा पसीना, आठ माह में 50 प्रतिशत भी नहीं हुई वसूली

– टैक्स वसूली में लगी लॉजिकुफ एजेंसी कर रही मौज, निगम बेफ्रिक मुंगेर ———————-नगर निगम मुंगेर ने होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए आउट सोर्सिंग एजेंसी लॉजिकुफ को अधिकृत कर रखा है. जो 31 मार्च 2026 तक होल्डिंग टैक्स वसूली का कार्य करेंगी. लेकिन टैक्स वसूली में एजेंसी काफी उदासीन है. चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 का साढे आठ माह बीत चुका और इस वित्तीय वर्ष के खत्म होने में मात्र साढे तीन माह शेष है. लेकिन अब तक 50 प्रतिशत भी टैक्स राशि की वसूली नहीं हो सकी है.

9.82 करोड़ में मात्र 4.20 करोड़ की हुई टैक्स वसूली

चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में टैक्स वसूली की रफ्तार एजेंसी की काफी धीमी है. जानकारी के अनुसार इस चालू वित्तीय वर्ष में एजेंसी को 9 करोड़ 82 लाख होल्डिंग टैक्स वसूली का लक्ष्य निर्धारित है. जिसके विरुद्ध एजेंसी ने साढे आठ माह में मात्र 4 करोड़ 20 लाख ही टैक्स की वसूली कर सकी है. यानी एजेंसी ने अब तक लक्ष्य के विरुद्ध 50 प्रतिशत भी टैक्स वसूली को पार नहीं कर सकी है. जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र साढे तीन माह शेष रह गये हैं. अगर एजेंसी इसी रफ्तार से टैक्स वसूली का कार्य करती रही तो इस चालू वित्तीय वर्ष में भी एजेंसी टारगेट पूरा नहीं कर पायेगी और निगम को आंतरिक स्रोत से प्राप्त होने वाले राजस्व में भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा.

ओवरऑल राजस्व वसूली में भी पिछड़ रहा निगम

नगर सरकार ओवरऑल राजस्व वसूली में भी पिछड़ रहा है. आकड़ों के अनुसार होल्डिंग टैक्स सहित स्टॉल, पेशाकर, डाक सहित अन्य स्रोत से चालू वित्तीय वर्ष में 11 करोड़ 17 लाख राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है. लेकिन अब तक एजेंसी सहित निगम कर्मियों के माध्यम से कुल 4 करोड़ 55 लाख रूपया ही ओवर ऑल राजस्व की वसूली हो सकी है. विदित हो कि सिर्फ होल्डिंग टैक्स से ही 4.20 करोड़ रूपया राजस्व की प्राप्ति हुई है. यानि टैक्स के अन्य स्रोत से मात्र 35 लाख रूपया ही निगम को राजस्व के रूप में प्राप्त अब तक हुआ है. जबकि अन्य स्रोत से निगम को 1.35 करोड़ राजस्व की वसूली करना था. इस हिसाब से 1 करोड़ रूपया राजस्व साढे तीन में अन्य स्रोत से निगम को करना है. जिसे निगम के कर्मी के माध्यम से ही करना है.

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1192 लाभुकों ने उठाया ओटीएस नियम का लाभ

मुंगेर : राज्य के सभी नगर निकायों में बकाया होल्डिंग टैक्स की वसूली एवं ब्याज को माफ करने के लिए अभी सरकार से ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट स्कीम) लागू है. 31 मार्च, 2026 तक यह स्कीम लागू रहेगा. इस बीच कोई भी प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदार अपना बकाया टैक्स का ब्याज 100 प्रतिशत माफ करा शुद्ध टैक्स की राशि का भुगतान कर सकते हैं. बीते अक्तूबर महीने से यह नियम लागू है. मुंगेर नगर निगम में अब तक 1192 लोग हैं जिसने ओटीएस का लाभ लेते हुए अपना बकाया टैक्स का भुगतान किया है.

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मकान मापी के सेटिंग-गेटिंग में हो रही धांधली

मुंगेर : निगम प्रशासन ने लॉजिकूफ एजेंसी को टैक्स वसूली के लिए अधिकृत कर रखा है. जिसे डिमांड के अनुसार टैक्स वसूली पर 9 प्रतिशत राशि निगम देती है. यानी एजेंसी अगर एक करोड़ टैक्स वसूली करती है तो उसे 9 लाख रूपया कमिशन मिलेगा. अब सवाल उठता है कि आखिर इतनी राशि मिलने के बावजूद एजेंसी टैक्स वसूली में क्यों पिछड़ रही है. तो निगम सूत्रों ने बताया कि शहर में जितने भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान है, उसका नापी कर व्यवसायिक दर से टैक्स वसूली करना है. लेकिन जो व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की मापी करने जाता है, उसी से व्यवसायी रूपये के बल पर सेटिंग-गेटिंग कर मापी में कम मैजरमेंट करवा कर टैक्स की चोरी कर ले रहा है. यानी निगम को राजस्व में भारी घाटा उठाना पड़ रहा है. सूत्रों की माने तो टीम बना कर अगर व्यवसायिक संस्थानों का मापी कराया तो एक बड़ा घोटाला भी सामने आ सकता है.

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पिछले वर्ष भी राजस्व वसूली में पिछड़ गयी थी एजेंसी

मुंगेर : पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी होल्डिंग टैक्स वसूली में नगर निगम की अधिकृत एजेंसी लॉजिकूफ विफल रही. निगम ने एजेंसी को 906.31 लाख रुपये होल्डिंग (व्यवसायिक संस्थान सहित) टैक्स वसूली का लक्ष्य दिया गया था. लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्ति तक एजेंसी मात्र 731.03 लाख रुपये ही राजस्व वसूल कर सकी. यानी निगम को 175.28 लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति नहीं हो पायी. विदित हो कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 45 वार्ड हैं. इनमें कुल होल्डिंग की संख्या 28 हजार 197 थी. इन पर निगम का 906.31 लाख का होल्डिंग टैक्स बकाया है. नगर निगम की अधिकृत एजेंसी द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 731.03 लाख राजस्व होल्डिंग टैक्स के रूप में वसूल किया गया है, जिसका प्रतिशत 80.66 है. इसमें सरकारी, कॉमर्शियल व अन्य भवन भी शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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