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Home बिहार मुंगेर हृदय गति रूकने से इंडियन नेवी के कैप्टन संजीव सिंह का निधन, अमेरिका से भारत लाया जा रहा पार्थिव शरीर

हृदय गति रूकने से इंडियन नेवी के कैप्टन संजीव सिंह का निधन, अमेरिका से भारत लाया जा रहा पार्थिव शरीर

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हृदय गति रूकने से इंडियन नेवी के कैप्टन संजीव सिंह का निधन, अमेरिका से भारत लाया जा रहा पार्थिव शरीर

संग्रामपुर

रामपुर पंचायत अंतर्गत मौजमपुर गांव निवासी मर्चेंट नेवी में तैनात 45 वर्षीय कैप्टन संजीव कुमार सिंह का शुक्रवार की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वे उस समय जहाज पर अमेरिका से बहामास की ओर अटलांटिक महासागर से गुजर रहे थे. अचानक हुई इस दुखद घटना से हर कोई स्तब्ध है और परिजनों में चीख पुकार मची है.

सकारात्मक सोच और समाज सेवा के प्रति समर्पित व्यक्ति थे संजीव

कैप्टन संजीव कुमार सिंह बचपन से ही एक सकारात्मक सोच और समाज सेवा के प्रति समर्पित व्यक्ति थे. सैनिक स्कूल से पढ़ाई के बाद उन्होंने मर्चेंट नेवी में ज्वाॅइन किया और वर्षों की मेहनत के बाद कैप्टन के पद तक पहुंचे. अपने व्यस्त अंतरराष्ट्रीय जीवन के बावजूद वे हमेशा समाज और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रयासरत रहे. इसी सोच के तहत उन्होंने मौजमपुर में ””””प्रेसिडेंट कलाम मेमोरियल स्कूल”””” की स्थापना की थी. ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके. उनकी सोच थी कि उनके स्कूल से पढ़कर बच्चे यदि उंचे पदों पर आसीन होते हैं तो वे उनकी असली कमाई होगी. इसी कारण वे सिर्फ एक ऑफिसर की हैसियत से नहीं, बल्कि जनमानस के बीच अपनेपन का प्रतीक बन चुके थे.

अमेरिका से भारत लाया जा रहा पार्थिव शरीर

उनके छोटे भाई अमित चंद्रा ने बताया कि पिछले माह ही छुट्टी पर घर आए थे. लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताह में एक मालवाहक जहाज पर कैप्टन की आवश्यकता पड़ने पर कंपनी ने उन्हें बुला लिया और वे रवाना हो गये. 20 अप्रैल को वे बहामास पहुंचने वाले थे. लेकिन 18 अप्रैल की सुबह अटलांटिक महासागर में ही उनकी हृदय गति रुकने से निधन हो गया. परिजनों के अनुसार शुक्रवार की सुबह 4 बजे उन्होंने अपनी पत्नी तृप्ति सिंह से वीडियो कॉल पर बात की थी और सीने में दर्द की बात कही थी. उन्होंने पत्नी से कहा था कि अब वे सोने जा रहे हैं, शायद आराम से दर्द कम हो जाएगा. दुर्भाग्यवश वह उनकी आखिरी बातचीत हुई. अब उनका पार्थिव शरीर बहामास के बंदरगाह पर उतारकर वहां से अमेरिका लाया जाएगा. उसके बाद उनके शव को भारत भेजा जाएगा. कैप्टन संजीव अपने पीछे पत्नी तृप्ति सिंह, दो पुत्रियां, बहन तारापुर प्रखंड के गनैली पंचायत की मुखिया चांदनी सिंह, बहनोई निर्मल सिंह तथा भाई अमित चंद्रा, उत्तम एवं नीतीश को छोड़ गए. इस दुखद घटना से हर किसी की आंखें नम है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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