[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर कभी राहगीरों और मवेशियों की प्यास बुझाता था यह तालाब, अब कूड़े का ढेर बनकर खो रहा अपना अस्तित्व

कभी राहगीरों और मवेशियों की प्यास बुझाता था यह तालाब, अब कूड़े का ढेर बनकर खो रहा अपना अस्तित्व

0
कभी राहगीरों और मवेशियों की प्यास बुझाता था यह तालाब, अब कूड़े का ढेर बनकर खो रहा अपना अस्तित्व
असरगंज बड़ी हाट के पीछे बरसों पूर्व बना तालाब खो रहा अपना अस्तित्व

मुंगेर (असरगंज) से हिमांशु कुमार सिंह की रिपोर्ट

Munger Pond : मुंगेर जिले के असरगंज नगर पंचायत स्थित जलालाबाद बड़ी हाट के पीछे बना वर्षों पुराना तालाब आज अपनी पहचान खोने की कगार पर पहुंच गया है. कभी राहगीरों, स्थानीय लोगों और मवेशियों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत रहा यह तालाब अब कूड़े-कचरे और गंदे पानी का अड्डा बन चुका है. स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से तालाब का जीर्णोद्धार कर इसे अतिक्रमण और प्रदूषण से मुक्त कराने की मांग की है.

जमींदार ने कराया था तालाब का निर्माण

स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों पहले जमींदार कृष्णानंद ने बड़ी हाट, जलालाबाद के पीछे इस तालाब का निर्माण कराया था. इसका उद्देश्य राहगीरों को स्नान, कपड़े धोने और दैनिक उपयोग के लिए पानी उपलब्ध कराना था. साथ ही आसपास के मवेशियों को पानी पिलाने और नहलाने के लिए भी यह तालाब उपयोगी था. लंबे समय तक यह तालाब क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करता रहा.

गंदगी और कूड़े से बिगड़ रही स्थिति

समय के साथ तालाब की स्थिति लगातार खराब होती चली गई. जहां पहले लोग सीढ़ियों से उतरकर स्नान करते थे, वहां अब कूड़े का अंबार लगा हुआ है. आसपास की गंदगी और नालियों का पानी भी सीधे तालाब में गिराया जा रहा है, जिससे इसका जल पूरी तरह प्रदूषित हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी सफाई और संरक्षण नहीं किया गया तो यह ऐतिहासिक जलस्रोत पूरी तरह समाप्त हो जाएगा.

पहले भी हुई थी अतिक्रमण की कोशिश

स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले भू-माफियाओं ने तालाब में मिट्टी भरकर अतिक्रमण का प्रयास किया था. उस समय तत्कालीन अंचलाधिकारी और थाना अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए मिट्टी लदे ट्रैक्टर को जब्त किया था तथा प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी. इसके बावजूद अब एक बार फिर तालाब पर अतिक्रमण की आशंका जताई जा रही है.

जीर्णोद्धार की उठी मांग

स्थानीय लोगों ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट किया है कि पोखर और जलस्रोत सार्वजनिक संपत्ति हैं तथा इन पर किसी का निजी कब्जा नहीं हो सकता. लोगों ने असरगंज नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी से तालाब की सफाई, जीर्णोद्धार और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, ताकि यह जलस्रोत फिर से अपने पुराने स्वरूप में लौट सके.

ALSO READ: झाड़ी में मिला 26 वर्षीय युवक का शव, जमीन विवाद या रात की मारपीट? पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel