[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल मुंगेर का चंडिका स्थान, जानें आस्था और पौराणिक मान्यता

देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल मुंगेर का चंडिका स्थान, जानें आस्था और पौराणिक मान्यता

0
देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल मुंगेर का चंडिका स्थान, जानें आस्था और पौराणिक मान्यता
मुंगेर स्थित शक्तिपीठ मां चण्डिका स्थान.

मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट

Munger Chandika Sthan: मुंगेर का चंडिका स्थान देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. यह न केवल बिहार बल्कि अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए भी गहरी आस्था का केंद्र है. यहां भक्त माता चंडिका के दर्शन कर अपने परिवार के मंगल और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

पौराणिक मान्यता से जुड़ा है शक्तिपीठ का इतिहास

मान्यता के अनुसार भगवान शिव के अपमान से क्रोधित होकर माता सती ने जब अग्निकुंड में अपने प्राण त्याग दिए थे, तब उनके शरीर के विभिन्न अंग देशभर में गिरे. कहा जाता है कि माता सती की बाईं आंख मुंगेर स्थित चंडिका स्थान पर गिरी थी. इसी कारण यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है.

मंदिर परिसर में पहाड़ की गुफा के भीतर माता चंडिका का दिव्य नेत्र स्थित है, जिसके ऊपर मंदिर का निर्माण किया गया है. यहां परिसर में अन्य देवी-देवताओं के भी कई छोटे-बड़े मंदिर स्थापित हैं.

Munger Chandika Sthan: सालभर रहती है श्रद्धालुओं की भीड़

चंडिका स्थान में पूरे वर्ष श्रद्धालु दूर-दराज से पहुंचते हैं. भक्त अपने परिवार की मंगलकामना और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां पूजा-अर्चना करते हैं. मंदिर परिसर में दिनभर भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहता है.

नवरात्र में उमड़ती है आस्था की भारी भीड़

नवरात्र के दौरान चंडिका स्थान में श्रद्धालुओं की भीड़ कई गुना बढ़ जाती है. इस समय मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं और पूरा परिसर भक्ति के रंग में रंग जाता है. घंटियों की गूंज और भजन-कीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है.

मुंगेर का यह शक्तिपीठ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि आस्था और संस्कृति की गहरी परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है.

ये भी पढ़े : सारण सहित बिहार के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, अगले 2-3 घंटे में झमाझम बारिश के आसार, 60 KMPH की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel