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Home बिहार मुंगेर 5. बदहाल व्यवस्था : इमरजेंसी वार्ड के बेड पर 18 तक मुर्दा के साथ जिंदा मरीजों का होता रहा इलाज

5. बदहाल व्यवस्था : इमरजेंसी वार्ड के बेड पर 18 तक मुर्दा के साथ जिंदा मरीजों का होता रहा इलाज

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5. बदहाल व्यवस्था : इमरजेंसी वार्ड के बेड पर 18 तक मुर्दा के साथ जिंदा मरीजों का होता रहा इलाज

मुंगेर

अस्तपाल प्रबंधन एवं कोतवाली पुलिस की लापरवाही के कारण मुंगेर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 18 घंटे तक मुर्दा के साथ ही जिंदा मरीजों का इलाज होता रहा. जिसके कारण बीमार मरीज, उसके परिजन एवं स्वास्थ्यकर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

बताया जाता कि मंगलवार की शाम मुंगेर गंगा पुल पर सड़क हादसे में एक युवक बुरी तरह से घायल हो गया था. जिसे किसी सज्जन से जख्मी हालत में शाम करीब 7 बजे मुंगेर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया. जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी. उसके सर के पिछले हिस्से में गहरा जख्म का निशान था. मौत के बाद इमरजेंसी वार्ड के बेड पर यूं की मृतक का शव पड़ा रहा. रात भर मुर्दा के साथ मरीजों के इलाज का सिलसिला चलता रहा. जिसके कारण मरीज, तीमारदार और स्वास्थ्यकर्मी खुद को असहज महसूस करते रहे. रात भर किसी तरह समय कट गया. लेकिन बुधवार की सुबह भी शव यूं ही बेड पर पड़ा रहा. कुल मिलाकर 18 घंटे तक इमरजेंसी वार्ड में सिस्टम की लापरवाही के कारण मुर्दा के साथ ही उसके बगल वाले बेड पर जिंदा मरीजों के इलाज का सिलसिला जारी रहा. बुधवार की दोपहर 1 बजे जब कोतवाली पुलिस शव को पोस्टमार्टम कराने ले गई तो बीमार व आम लोगों के साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों ने राहत की सांस ली.

पत्नी व सास-ससुर ने की शव की पहचान

अज्ञात शव की पहचान बुधवार की दोपहर मृतक की पत्नी, सास-ससुर ने की. मृतक बेगूसराय जिले के रानीचट्टी गांव का रहने वाला 40 वर्षीय शंभू साह . जो वासुदेवपुर थाना क्षेत्र के रायसर में किराये के मकान में पत्नी व बच्चों के साथ रहता था. उसका ससुराल भी रायसर में है. मृतक के ससुर महेंद्र साह ने बताया कि मृतक गैस चुल्ला मरम्मती का कार्य करता था. वह प्रतिदिन सुबह में साइकिल से निकल जाता था और शाम तक घर वापस आ जाता था. लेकिन मंगलवार को वह वापस नहीं आया. बुधवार की दोपहर पता चला कि श्रीकृष्ण सेतु पर एक एक जख्मी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. जिसकी मौत हो गयी और अस्पताल में ही शव है. पोस्टमार्टम हाउस में जाकर देखा तो शव उसके दामाद शंभू साह का था. शव देखते ही पत्नी खुशबु, ससुर महेंद्र साह, सास मीरा देवी का रो-रो कर बुरा हाल था. कोतवाली थाना पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया.

कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक

प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ निरंजन कुमार ने बताया कि मंगलवार की रात ही इमरजेंसी वार्ड से ओडी स्लीप कोतवाली थाना को भेज दिया गया था. बुधवार की दोपहर कोतवाली थाना पुलिस शव अपने साथ ले गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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