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Home बिहार मुंगेर अंधेरे में यात्रा करने पर विवश है कांवरिया, ट्रेन की बोगी में न लाइट और न ही पंखे का इंतजाम

अंधेरे में यात्रा करने पर विवश है कांवरिया, ट्रेन की बोगी में न लाइट और न ही पंखे का इंतजाम

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अंधेरे में यात्रा करने पर विवश है कांवरिया, ट्रेन की बोगी में न लाइट और न ही पंखे का इंतजाम

प्रतिनिधि, जमालपुर. श्रावणी मेला परवान पर है. प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कांवरिया रेल मार्ग से श्रावणी मेला में शामिल होने के लिए सुल्तानगंज जा रहे हैं. ऐसे में दिन की अपेक्षा रात में यात्रा करना श्रद्धालु कांवरिया अपेक्षाकृत आरामदायक मानते हैं, इसलिए रात में विभिन्न ट्रेनों से कांवरियों का सुल्तानगंज जाने का सिलसिला बना रहता है, लेकिन एक ट्रेन ऐसी भी है, जिसमें कांवरिया को अंधेरे में यात्रा करने पर विवश होना पड़ता है. इस ट्रेन की कई बोगी में न तो लाइट और न ही पंख का इंतजाम है. यह हाल किउल से जमालपुर होते हुए सुल्तानगंज जाने वाली 03480 डाउन पैसेंजर ट्रेन का है.

रात्रि 22:30 बजे किउल से रवाना होती है ट्रेन

03480 डाउन किउल-जमालपुर-सुल्तानगंज पैसेंजर ट्रेन रात्रि 22:30 बजे किउल से गंतव्य के लिए रवाना होती है. हालांकि, यह ट्रेन किउल से जमालपुर तक ही चलती है, लेकिन श्रावणी मेला को लेकर इस ट्रेन का एक्सटेंशन सुल्तानगंज तक कर दिया गया है. इस कारण यह ट्रेन कांवरियों की पहली पसंद बन गयी है, क्योंकि मध्य रात्रि के बाद यह ट्रेन सुल्तानगंज स्टेशन पहुंचती है और कांवरिया यहां प्रातः उत्तर वाहिनी गंगा में स्नान कर अपने आराध्य बाबा भोलेनाथ पर जल अर्पण के लिए जल भरते हैं. ट्रेन मध्य रात्रि 23:40 बजे जमालपुर पहुंचती है और करीब 1:00 बजे सुल्तानगंज पहुंचती है.

न लाइट की व्यवस्था और न पंखे का इंतजाम

शुक्रवार की देर रात्रि जमालपुर पहुंचने वाली इस ट्रेन की कई बोगी में स्थिति असामान्य थी, क्योंकि इसके कई बोगी में न तो लाइट की व्यवस्था थी और न ही पंखे चल रहे थे. अलबत्ता उसमें बड़ी संख्या में कांवरिया बैठे थे. जिन में महिलाएं और बच्चे भी थे. ट्रेन के कई बोगी का हाल यह था कि सीट नहीं मिलने के कारण दर्जनों कांवरिया बोगी में नीचे बैठे हुए थे. इस कारण बोगी में नीचे बैठने वाले कांवरियाें की परेशानी उस समय और बढ़ जाती थी, जब कोई रेल यात्री स्टेशन पर उतारने के लिए तैयार होते थे और अंधेरे में कांवरियों की स्थिति दयनीय हो जाती थी. कई कांवरियों ने बताया कि वे लोग लखीसराय जिला के अलग-अलग स्थान से देवघर जाने के लिए निकले हैं. रात में गर्मी से भी राहत मिलती है और सुबह सवेरे जल भी भर लेते हैं. इसलिए इस ट्रेन से सुल्तानगंज जा रहे हैं, लेकिन इस ट्रेन की व्यवस्था अच्छी नहीं है. गर्मी के इस मौसम में पंखा नहीं चलने के कारण तमाम रेल यात्री परेशान है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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