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Home बिहार मुंगेर तनावमुक्त होना आसान नहीं, इसे किया जा सकता है नियंत्रित : डॉ ओमप्रकाश

तनावमुक्त होना आसान नहीं, इसे किया जा सकता है नियंत्रित : डॉ ओमप्रकाश

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तनावमुक्त होना आसान नहीं, इसे किया जा सकता है नियंत्रित : डॉ ओमप्रकाश

मुंगेर. जेआरएस कॉलेज, जमालपुर एनएसएस ईकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन बुधवार को सीखने-सीखाने और अभ्यास का कार्यक्रम जारी रहा. इस दौरान स्वयंसेवकों को जागरूक करने और तनाव -प्रबंधन की जानकारी रिसोर्स पर्सन मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ ओमप्रकाश ने दी.

छठे दिन का कार्यक्रम प्रातः सात बजे व्यायाम और प्राणायाम के साथ आरंभ हुआ. जिसके बाद प्रथम सत्र में स्वच्छता, पर्यावरण-रक्षा जैसे विषयों को आधार बनाकर स्वयंसेवकों के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गयी. जिसमें शैली कुमारी, पियूषी, साक्षी, रीतिक रोशन, अंजली, पल्लवी, खुशी, राजदीप शर्मा आदि ने भाग लिया. पेंटिंग के समुचित मूल्यांकन के बाद अंजलि को प्रथम, राजदीप शर्मा को द्वितीय, और पियूषी को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया. इन सभी बच्चों को समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा.

तनाव से उत्पन्न समस्याएं व तनाव-नियंत्रण के तरीकों के बारे में बताया

द्वितीय सत्र रिसोर्स पर्सन ने पीपीटी के माध्यम से तनाव की परिभाषा, तनाव के विभिन्न स्रोत, तनाव से उत्पन्न समस्याएं और तनाव-नियंत्रण के तरीकों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया. उन्होंने तनाव के स्रोतों को व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, पर्यावरणीय, आर्थिक, शैक्षिक या कार्यविशेष, जीवन की विशेष घटनाएं – नौकरी में बदलाव, विवाह, तलाक, शोक स्थान-परिवर्तन आदि के आधार पर बांट कर स्वयंसेवकों को समझाया. उन्होंने कहा कि तनाव को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है. तनाव को नियंत्रित करने के तरीकों को अपनाना चाहिए. भावनात्मक संतुलन, ध्यान, योग, सकारात्मक सोच आदि से हम अपने-आप को मानसिक तनाव से बहुत हद तक बचा सकते हैं. भावनात्मक रूप से कभी-कभी रो लेने, लेखन करने, दोस्त-परिवारिजनों से मदद और प्राणायाम के द्वारा तनाव -नियंत्रण आसान हो जाता है. उन्होंने सामान्य परीक्षण द्वारा स्वयंसेवकों के तनाव के कारणों को जानने का प्रयत्न किया तथा श्वशन प्रक्रिया द्वारा तनाव को नियंत्रित करने का अभ्यास भी कराया.

स्वयंसेवकों ने शिविर के गतिविधियों की तैयार की रिर्पोट

तृतीय सत्र में स्वयंसेवकों को रिपोर्ट तैयार करने की तकनीकों के बारे में डॉ सुनील कुमार के द्वारा संक्षिप्त जानकारी दी गयी तथा शिविर में प्रत्येक दिन की गतिविधियों का रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के लिए कहा गया. जिसके बाद समापन समारोह के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का पूर्वाभ्यास कराया गया. जिसमें स्वयंसेवकों ने भाषण,गायन, नृत्य, समूह-नृत्य आदि का अभ्यास किया. नुक्कड़ नाटक समूह में आस्था, आकांक्षा, मिक्की, बुशरा प्रवीण, मोनी, राज, कृष, अनुष्का, साक्षी, अभय इत्यादि ने भाग लिया. नृत्य में वैष्णवी कुमारी और गायन में आस्था, साक्षी, अनुष्का ने पूर्वाभ्यास किया.

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