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अनुशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता व समयबद्धता जरूरी : दीपक कुमार

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अनुशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता व समयबद्धता जरूरी : दीपक कुमार

सरकारी सेवाओं में अनुशासनिक कार्रवाई को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विधिसम्मत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को मुंगेर के संग्रहालय सभा कक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुंगेर व भागलपुर प्रमंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया. मुख्य जांच आयुक्त ने कहा कि अनुशासनिक कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसकी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए. मुंगेर . संग्रहालय सभा कक्ष में बुधवार को आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार ने अधिकारियों को अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रियाओं से अवगत कराया. कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने उन्हें पौधा भेंट कर सम्मानित किया. मुख्य जांच आयुक्त ने कहा कि अनुशासनिक कार्रवाई केवल दंड देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही, कार्यकुशलता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने अधिकारियों से अनुशासनिक मामलों के निष्पादन में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की अपील की. साथ ही कहा कि अनुशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना आवश्यक है. अनुशासनिक प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर हुआ मंथन प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने अनुशासनिक कार्रवाई से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी. इसमें आरोप पत्र तैयार करने और जारी करने की प्रक्रिया, आरोपों की जांच, जांच पदाधिकारी व प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी की भूमिका, साक्ष्य संकलन व मूल्यांकन, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का अनुपालन, जांच प्रतिवेदन की तैयारी, दंड निर्धारण तथा अपील व पुनरीक्षण संबंधी प्रावधानों पर चर्चा की गयी. प्रतिभागियों को वास्तविक मामलों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से अनुशासनिक कार्रवाई की जटिलताओं को समझाया गया. साथ ही प्रक्रिया के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया. प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मियों ने अपनी जिज्ञासाएं व प्रश्न रखे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक समाधान किया. प्रशासनिक क्षमता निर्माण में सहायक होगा प्रशिक्षण प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक व उपयोगी बताते हुए इसे प्रशासनिक क्षमता निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया. अधिकारियों ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया में एकरूपता, दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार आयेगा. कार्यक्रम में मुख्य जांच आयुक्त कार्यालय के संयुक्त सचिव अमरेश कुमार अमर, सतीश कुमार तिवारी, शालीग्राम पांडेय, जिलाधिकारी निखिल धनराज, उप सचिव आलोक कुमार, आशुतोष कुमार, आयुक्त के सचिव सुधीर कुमार, एडीएम मनोज कुमार सहित मुंगेर व भागलपुर प्रमंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे.

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