[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर किराये के एक कमरे में संचालित हो रहा एचडब्ल्यूसी झौआ बहियार, सुविधाएं नदारद

किराये के एक कमरे में संचालित हो रहा एचडब्ल्यूसी झौआ बहियार, सुविधाएं नदारद

0
किराये के एक कमरे में संचालित हो रहा एचडब्ल्यूसी झौआ बहियार, सुविधाएं नदारद

बरियारपुर. प्रखंड के गंगा पार पंचायत झौआ बहियार में चल रहा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर किराए के एक कमरे में संचालित हो रहा है. जहां न तो प्रसव की सुविधा है और न ही मरीजों के बैठने के लिए कोई सुविधा. जिसके कारण या तो क्षेत्र के लोग यहां केवल दवा लेने आते हैं या विषेश परिस्थिति में ग्रामीण चिकित्सक या खगड़िया जिले के गोगरी में मौजूद चिकित्सकों के भरोसे ही रहते हैं. एचडब्ल्यूसी झौआ बहियार को अपना भवन नहीं रहने के कारण एक कमरे में ही दवाई रखी जाती है. मरीज के पहुंचने पर इलाज भी किया जाता है. ऐसे में मरीज के साथ केंद्र में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को भी बैठने की सही सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है. केंद्र में 187 प्रकार की दवाई उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन यहां 140 प्रकार की ही दवाई उपलब्ध है. जबकि 14 प्रकार के पैथोलॉजी जांच में यहां 11 प्रकार के जांच की सुविधा ही मरीजों को मिल रही है. इस एचडब्ल्यूसी पर मरीजों को वाटर टेस्टिंग, डीआइपी व मलेरिया जैसे जांच की सुविधा नहीं मिल रही है. हद तो यह है कि बाढ़ के दौरान कमरे में पानी भर जाने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों के लिए यहां रखी दवाएं बचाना मुश्किल हो जाता है. हालांकि प्रतिदिन केंद्र में संचालित ओपीडी में 50 मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां मरीजों को किस प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है. यह तो खुद स्वास्थ्य विभाग ही समझ सकता है. इतना ही नहीं गंगा पार होने के बावजूद यहां प्रसव की सुविधा नहीं होने से गर्भवतियों को या तो खगड़िया या मुंगेर जाना पड़ता है. सीएचओ मनोज शर्मा एवं डॉ एमआइएम ने कहा कि केंद्र में भवन का अभाव है. जिससे परेशानी होती है. दवाई एवं जांच किट की मांग की गयी है. प्रसव पीड़ित महिलाओं के लिए एंबुलेंस मंगा कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के गोगरी भेजा दिया जाता है. केंद्र की सभी समस्याओं की जानकारी वरीय अधिकारियों को भी उपलब्ध करायी गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel