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वक्फ संशोधन बिल सरकार तत्काल ले वापस : इमरात-ए-शरिया

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वक्फ संशोधन बिल सरकार तत्काल ले वापस : इमरात-ए-शरिया

मुंगेर. वक्फ संशोधन बिल- 2024 के खिलाफ इमारत-ए-शरिया के बैनर तले विभिन्न मुस्लिम संगठनों, राजनीतिक व सामाजिक व्यक्तियों के एक शिष्टमंडल ने मंगलवार को समाहरणालय पहुंच कर डीएम को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के चेयरमैन जगदंबिका पाल एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम था. शिष्टमंडल ने वक्फ संशोधन बिल 2024 के नकारात्मक पहलुओं से डीएम को अवगत कराया गया. डीएम ने आश्वासन दिया कि आपके ज्ञापन को उचित स्थान पर पहुंचा दिया जायेगा. बताया जाता है कि मंगलवार को इमरात-ए-शरिया बिहार, ओडिशा, झारखंड के अमीर-ए-शरीयत हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी के निर्देश पर वक्फ संशोधन बिल 2024 के खिलाफ एक शिष्टमंडल मंगलवार को समाहरणालय पहुंचा. इसमें धार्मिक, राजनीतिक एवं सामाजिक व्यक्ति शामिल थे. शिष्टमंडल ने 18 पृष्ठों का ज्ञापन डीएम को सौंपा. इसमें संविधान की रोशनी में वक्फ बिल की कमियों को स्पष्ट किया गया है और यह बताया गया है कि यह बिल मुस्लिम पर्सनल लॉ और वक्फ अधिनियम 1995 के तहत दिये गये अधिकारों व संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 का उल्लंघन करता है. इस बिल को मंजूरी मिलती है तो इसे जुड़े आवाम के अधिकारों का हनन होगा. शिष्टमंडल ने मांग की कि इस बिल को किसी भी सूरत में मंजूरी न दी जाये और सरकार इसे तत्काल वापस ले. इधर शिष्टमंडल में शामिल सदस्यों ने कहा कि अमीर-ए-शरीयत ने देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर वक्फ बिल की संवैधानिक, धार्मिक और कानूनी खामियों को उजागर किया और टीमों को जिम्मेदारी सौंपी कि वे इस बिल की खतरनाक असर को लोगों के सामने रखें. इस उद्देश्य के लिए उन्होंने खानकाह रहमानी में कई कार्यशालाओं का आयोजन भी किया और लोगों को इस अभियान में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार किया. शिष्टमंडल में काजी-ए-शरीयत दारुलकजा मुंगेर के मुफ्ती रजी अहमद रहमानी नदवी, जामिया रहमानी मुंगेर के महासचिव मौलाना मोहम्मद आरिफ रहमानी, डिप्टी मेयर खालिद हुसैन, कांग्रेस के फ़ैयाज आलम, तबलीगी जमात के मौलाना मोहम्मद राफे, जमात-ए-इस्लामी मुंगेर के महासचिव रफी अहमद खान, इमरात-ए-शरिया के सलाहकार समिति के सदस्य मौलाना मोहम्मद मुशीरुद्दीन सहित अन्य शामिल थे.

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