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ईश्वर एक शक्ति, न उनका कोई नाम, न रूप

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ईश्वर एक शक्ति, न उनका कोई नाम, न रूप

जमालपुर. केशवपुर स्थित दालहट्टा दुर्गा स्थान परिसर में रामाश्रम सत्संग मथुरा के उपकेंद्र जमालपुर द्वारा रविवार को आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया. मथुरा से पधारे संत ने कहा कि ईश्वर तो एक शक्ति है, न उनका कोई नाम है, न कोई रूप है. जिसे जो नाम रख लिया. वही ठीक है. यह आंतरिक सत्संग आत्मा की शुद्धि के लिए है. मनुष्य 24 घंटे संसार में किसी ने किसी कार्य में व्यस्त रहता है. उसी में एक घंटा समय निकालकर ईस्ट के समक्ष बैठकर ध्यान साधना करना चाहिए. यही कल्याण और मुक्ति का मार्ग है. ईश्वर एवं गुरु कहने, पढ़ने या सुनने का विषय नहीं. वह तो अनुभव से ही जाना जा सकता है. संतों ने कहा कि रामाश्रम सत्संग क्या है. इसको जरूर समझना चाहिए. सत्संग एक ठंडक है. जो तपते मन को शांत करता है. सत्संग एक मिठास है. जो कड़वी वाणी को मीठा बनता है. सत्संग एक संतोष और सब्र है. जो लोगों में लालच को बढ़ाने नहीं देता. सत्संग एक ऐसा सत्य है. जो झूठे इंसान को भी सत्य के मार्ग पर ले जाता है. सारे दुख, निराशा, अशांति की दवा सत्संग है. मौके पर राकेश नारायण अम्बष्ठ, डॉ बच्चन सिंह, गोविंद सिन्हा, विभास झा, ब्रह्मदेव कुमार आदि मौजूद थे.

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