[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर पृथ्वी पर जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान लेते हैं अवतार : गौरी प्रिया

पृथ्वी पर जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान लेते हैं अवतार : गौरी प्रिया

0
पृथ्वी पर जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान लेते हैं अवतार : गौरी प्रिया

– श्रीकृष्ण जन्मोत्सव व बाल लीलाओं की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

मुंगेर.

टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र के कठनी गांव में आयोजित नौ दिवसीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र बना हुआ है. कथा के छठे दिन वृंदावन से पधारी कथा वाचिका किशोरी गौरी प्रिया ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म एवं उनकी बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया. जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गये.

किशोरी गौरी प्रिया ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं. उन्होंने मथुरा कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य, वासुदेव द्वारा उन्हें यमुना पार कर गोकुल पहुंचाने तथा बाल्यकाल की विभिन्न लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया. माखन चोरी, गोपियों संग नटखट लीलाएं और माता यशोदा के वात्सल्य प्रसंगों को सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. कथा के दौरान हिरण्यकश्यप और भगवान नरसिंह अवतार की कथा का भी रोचक वर्णन किया गया. देर रात तक भजन-कीर्तन, संकीर्तन एवं आरती का आयोजन होता रहा, जिससे पूरा यज्ञ परिसर भगवान के जयघोष से गूंजता रहा.

पूजा अर्चना करने सुबह से ही उमड़ पड़ती है भीड़

सुबह से ही श्रद्धालु यज्ञ मंडप की परिक्रमा और पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़ती है. महायज्ञ के साथ लगे मेले में भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. बीडीओ निशा राय एवं सीओ अर्चना कुमारी ने यज्ञ स्थल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है. यज्ञ समिति अध्यक्ष रामनाथ सिंह, संजय सजन, अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे. नौ दिवसीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं मेला 31 मई तक जारी रहेगा.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel