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Home बिहार मुंगेर मुंगेर में तेज आवाज के साथ भूकंप, बजने लगे सायरन, दौड़े बचाव दल के सदस्य

मुंगेर में तेज आवाज के साथ भूकंप, बजने लगे सायरन, दौड़े बचाव दल के सदस्य

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मुंगेर में तेज आवाज के साथ भूकंप, बजने लगे सायरन, दौड़े बचाव दल के सदस्य

मॉक ड्रिल : जिलाधिकारी सह इंसिडेंट कमांडर निखिल धनराज के नेतृत्व में आयोजन

मुंगेर. शहर के भगत सिंह चौक स्थित बैजनाथ बालिका प्लस टू विद्यालय, समाहरणालय, सदर अस्पताल, बेलन बाजार क्वार्टर एवं आदित्य विजन चुआबाग में गुरुवार की सुबह 8 बजते ही एक साथ खतरे का सायरन बजने लगा. इसके बाद बचाव व राहत दल के सदस्य दौड़ कर पहुंचने लगे. एंबुलेंस भी सायरन बजाती हुई सड़कों पर दौड़ने लगी. एसडीआरएफ की टीम ने कुछ घायलाें को गोद में, तो कुछ को स्ट्रेचर पर उठाकर एंबुलेंस तक सुरक्षित पहुंचाया. वहीं दूसरी तरफ आग लगने की सूचना पर दमकल भी सायरन बजाती हुई निकली. कुछ देर के लिए शहरवासियों की भी बेचैनी बढ़ गयी, क्योंकि उन्हें लगा कोई बड़ी आपदा आ गयी, लेकिन कुछ देर में पता चला कि यह तो भूंकप परिदृश्य पर आधारित मॉक ड्रिल है.

राहत व बचाव केंद्र पर अधिकारियों व चिकित्सकों की लगी रही भीड़

भूकंप के बाद बज रहे सायरन से इलाके में अफरा तफरी मची रही. लोग चीखते-चिल्लाते बिल्डिंग से बाहर भागते नजर आये. आपदा प्रबंधन टीमें इमारतों से लोगों को निकालने के लिए जुट गयीं. मॉक ड्रिल के दौरान, राहत और बचाव दलों ने घायलों को निकालने, प्राथमिक उपचार देने के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू किया. समाहरणालय, सदर अस्पताल सहित अन्य जगहों पर बचाव व राहत केंद्र बनाये गये थे. जहां भूकंप में घायलों के इलाज के लिए चिकित्सक व स्वास्थकर्मी दौड़ते-भागते नजर आये. सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ फैजउद्दीन के नेतृत्व में मेडिकल टीम में डाॅ अनुराग, डाॅ बीएन सिंह ने घायलों का इलाज करते रहे. वहीं जिलाधिकारी निखिल धनराज, एसपी सैयद इमरान मसूद व एडीएम आपदा संजय कुमार सिन्हा अधिकारियों के साथ घटनास्थल से लेकर राहत व बचाव केंद्र पर पहुंच कर जायजा लेते रहे. पुलिस की टीम भी दौड़ती-भागती रही. शहर के बैजनाथ बालिका प्लस टू विद्यायल एवं पेट्रोल पंप पर राष्ट्रीय प्रशिक्षक आपदा प्रबंधन नवनीत विमल सहित अन्य मॉक ड्रिल का सफल संचालन किया.

सफलता पूर्वक किया गया भूकंप परिदृश्य का चित्रण

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नयी दिल्ली द्वारा भूकंप परिदृश्य पर मॉक अभ्यास का सफल आयोजन किया गया. इस दौरान सभी सिमुलेशन साइट पर सुव्यवस्थित ढंग से भूकंप परिदृश्य का चित्रण किया गया. जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित सभी स्थलों समाहरणालय भवन, बैजनाथ बालिका उच्च विद्यालय, भारत पेट्रोल पम्प भगत सिंह चौक, सदर अस्पताल, बेलन बाजार क्वाटर एवं आदित्य विजन में भूकंप से हुए क्षति का जायजा लिया गया. उन्होंने सभी चिह्नित केंद्रों पर उपस्थित एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनसीसी, बिहार फायर स्टेशन, आपदा मित्र, स्कूली छात्राओं आदि के द्वारा जो अभिनय करते हुए परिदृश्य प्रस्तुत किया गया.

संसाधनों का इस्तेमाल व कमियों का किया गया आकलन : डीएम

मुंगेर. जिलाधिकारी निखिल धनराज ने कहा कि भूकंप जैसी आपदा आने पर जिस तरह के संसाधनों का इस्तेमाल किया गया. उसमें और किन संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग किया जा सके, ताकि जान माल की क्षति कम हो, इसकी भी जानकारी सामने आयी. तैयारियों और संसाधनों की क्या कमी रही, उसका आकलन किया गया. उन्होंने कहा भूकंप अथवा किसी भी आपदा के दौरान सभी वारियर्स को सबसे पहले सुरक्षा एवं बचाव से संबंधित पूरे एसओपी की जानकारी होनी जरूरी है, ताकि घायल अथवा मलबे में दबे पीड़ितों को तत्काल कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके. इस तरह के परिदृश्य का एकमात्र उद्देश्य आमजन में आपदा के समय सुरक्षा एवं बचाव की जानकारी देना है, ताकि वे ऐसे माहौल में घबराएं नहीं और संयमित होकर अपना एवं अपने परिजनों का बचाव कर सकें. उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा मित्र द्वारा सीपीआर की ट्रेनिंग के लिए लगातार कैंप आयोजन करने और अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी देने की बात कही.

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