[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया देवोत्थान एकादशी

श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया देवोत्थान एकादशी

0
श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया देवोत्थान एकादशी

तारापुर. शनिवार को देवउठनी एकादशी पूरे आस्था व श्रद्धा के साथ प्रखंड में मनाया गया, जिसे लेकर सुबह से ही घरों में जहां पूजा की तैयारी होती रही. वहीं बाजारों में भी खरीदारी को लेकर भीड़ लगी रही. प्रखंड क्षेत्र में अधिकांश लोगों ने एकादशी का व्रत शनिवार को किया, जबकि कुछ लोग रविवार को भी एकादशी का व्रत करेंगे. मान्यता के अनुसार, वर्षों बाद इस वर्ष रविवार की सुबह एकादशी एवं दोपहर में द्वादसी होगी, जबकि रात्रि में त्रृयोदशी का योग बन रहा है, जो काफी लाभकारी है. शनिवार को देवोत्थान एकादशी को लेकर श्रद्धालुओं ने पूरे दिन उपवास किया एवं रात्रि में फलाहार किया. वहीं महिलाओं द्वारा चावल के रंग से अपने धर आंगन में रंगोली बनाकर सजाया गया, जिसमें भगवान विष्णु के पद चिह्न भी उकेरे गये. रात्रि में भगवान को विभन्न प्रकार के फल एवं अनाज का भोग लगाया गया. 85 वर्षीय एकादशी व्रत करने वाली रंजु देवी ने बताया कि आज के दिन ही भगवान विष्णु चार माह की लंबी निद्रा से जागते हैं. इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. इस दिन को देवोत्थान या प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. देवउठनी एकादशी के बाद तुलसी विवाह मनाया जाएगा, जो भगवान विष्णु और देवी तुलसी के दिव्य मिलन का प्रतीक है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel