[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर डांढ़ की खुदाई व गाइड वाल का निर्माण हुआ नहीं और राशि की हो गयी निकासी

डांढ़ की खुदाई व गाइड वाल का निर्माण हुआ नहीं और राशि की हो गयी निकासी

0
डांढ़ की खुदाई व गाइड वाल का निर्माण हुआ नहीं और राशि की हो गयी निकासी

प्रतिनिधि, मुंगेर / टेटियाबंबर. लूटखसोट के मामले में मनरेगा हमेशा से सुर्खियों में रहा है. कभी पेड़ घोटाला तो कभी बिना काम हुए ही राशि की निकासी मनरेगा की नियति बन गयी है. ऐसा ही एक मामला टेटियाबंबर प्रखंड की टेटिया पंचायत के कटनी गांव में सामना आया है. जहां मनरेगा योजना से काम हुआ भी नहीं और राशि की निकासी कर बंदरबांट कर लिया गया है. बिना काम किये ही राशि की हो गयी निकासी बताया गया कि मनरेगा योजना के तहत 36,99,000 की प्राक्कलित राशि से ग्राम कटनी में मधुकर यादव खेत से प्रकाश यादव खेत तक बड़की डांढ़ की खुदाई कर गाइड वाल का निर्माण किया जाना था. जिसका वर्क कोड संख्या 20346533 है. जिसे वित्तीय वर्ष 2020-21 में ही पूर्ण कर लिया जाना था, लेकिन इस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गयी है. ताजा जानकारी के अनुसार, इस योजना का कार्य हुआ भी नहीं और लाखों रुपये की निकासी कर ली गयी. हद तो तब हो गयी जब इस योजना में बिना एमबी और अभिलेख के ही राशि का भुगतान कर दिया गया, जबकि इस योजना के तहत मिट्टी खुदाई व गाइड वाल तक नहीं बनाया गया है. इस अनियमितता में मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी व पंचायत रोजगार सेवक की अहम भूमिका मानी जा रही है. ग्रामीणों ने डीएम से की जांच की मांग ग्रामीणों की मानें तो कार्यक्रम पदाधिकारी व रोजगार सेवक ने फर्जी मजदूर व बाहरी मजदूर के माध्यम से लाखों रुपये की फर्जी निकासी की है. जिसकी जांच होनी चाहिए, जबकि योजनास्थल पर किसी प्रकार का कोई बोर्ड भी नहीं लगा हुआ है. इससे प्रतीत होता है कि राशि का घोटाला किया गया है. ग्रामीणों ने कहा कि मनरेगा के तहत पंचायत में सिर्फ यही योजना नहीं है. बल्कि ऐसे कई योजनाएं हैं जिसमें काम हुआ भी नहीं है और राशि की निकासी कर ली गयी है. ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से योजनाओं की जांच कराते हुए भ्रष्ट कार्यक्रम पदाधिकारी व पंचायत रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने की मांग की है. कहते हैं जिम्मेदार पंचायत रोजगार सेवक विकास कुमार गोपी ने बताया कि यह योजना मेरे कार्यकाल की नहीं है. यह मामला वित्तीय वर्ष 2020-21 का है. मास्टर रोल पर सिग्नेचर भी नहीं है और गलत तरीके से कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा भुगतान कर दिया गया है. वहीं मनरेगा के लेखापाल पवन कुमार ने बताया कि कार्यक्रम पदाधिकारी के आदेशानुसार भुगतान किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel