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Home बिहार मुंगेर आपदा प्रबंधन, जीवन संरक्षण का स्वयंसेवकों ने सीखे गुर

आपदा प्रबंधन, जीवन संरक्षण का स्वयंसेवकों ने सीखे गुर

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आपदा प्रबंधन, जीवन संरक्षण का स्वयंसेवकों ने सीखे गुर

मुंगेर.

जमालपुर कॉलेज जमालपुर एनएसएस ईकाई की आयोजित विशेष शिविर में शनिवार को आपदा प्रबंधन, जीवन संरक्षण विषय पर स्वंयसेवकों को जानकारी दी गयी. जहां रिसोर्स पर्सन के रूप में जेआरएस कॉलेज, जमालपुर के प्राचार्य प्रो देवराज सुमन थे. अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार पोद्दार तथा संयोजन डॉ चंदन कुमार एवं संचालन डॉ चंदा कुमारी ने किया. कार्यक्रम का प्रारंभ लक्ष्य गीत से किया गया. जिसके बाद योगाभ्यास के अंतर्गत सहज ध्यान, प्रार्थना, मंत्र योग, नाम जप विधियां आदि पर एनएसएस पीओ ने विस्तार से प्रकाश डाला. प्राचार्य ने कहा कि दिन का प्रारंभ यदि यौगिक साधनाओं से होता है तो समाज के लोग ऐसा मानते हैं कि वे अनिष्ट आदि से दूर रहते हैं. योग बीमारियों से तो दूर रखता ही है. योग स्वास्थ्य की भी चाभी है. रिसोर्स पर्सन ने कहा कि आपदा मित्र के प्रशिक्षण में वह प्रत्यक्ष भागीदार रहे हैं. हमारे छात्रों ने बिहार में बाढ़, सुखाड़, भूकंप, लू, हृदय घात, डूबने से रक्षा, डिहाइड्रेशन, सड़क दुर्घटना, आदि प्राकृतिक और कृत्रिम सभी प्रकार के आपदाओं के समय किए जाने वाले उपचारों के बारे में प्राथमिक रूप से सीखा. आज जब आप राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर में आपदा के क्षेत्र में प्रशिक्षण लेते हैं तो समाज की बड़ी रिक्तता को पूरा करते हैं. डॉ अभिलाषा ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामुदायिक विकास का आपस में त्रिकोणीय संबंध है. डॉ चंपकलता ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के नाम में ही ‘ सेवा’ शब्द दर्ज है. आपदा के समय ‘सेवा’ ही जीवन रक्षा का आधार बन जाता है. अर्थशास्त्र विभाग के डॉ संजीव कुमार ने कहा आपदा के प्रबंधन की शिक्षा जीवन के अर्थ को मजबूत करने से जुड़ा है. मौके पर स्वयंसेवक कशिश, राजकुमार, प्रशांत, सोनू, मिट्ठू, शुभम, पीयूष कुमार, सन्नी, कौशिक, छोटी, कोमल, प्रिया, कोमल कुमारी, सोनी, प्रीति, नेहा, मनीषा, तनिषा, रश्मि, ब्यूटी, ब्यूटी कुमारी, सुधांशु, सरस कुमार, राजनंदनी, अंशु कुमारी, अंशु कुमार, राखी, पीयूष चौहान, साजो, काजल, कुणाल, रिया, राहुल, श्रुति, माही, आयुष, धीरज ठाकुर, अल्ताफ राजा, शिवम, अनुष्का, रानी, आलोक, सुमित, सोनम, रौशन, खुशी, अंजली, साक्षी, मुस्कान आदि मौजूद थी.

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