[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर ब्रह्मबाबा ने विश्व शांति व परिवर्तन का किया था आगाज : बीके स्नेहा

ब्रह्मबाबा ने विश्व शांति व परिवर्तन का किया था आगाज : बीके स्नेहा

0
ब्रह्मबाबा ने विश्व शांति व परिवर्तन का किया था आगाज : बीके स्नेहा

हवेली खड़गपुर. साहू ठाकुरबाड़ी स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की हवेली खड़गपुर शाखा केंद्र में विश्वविद्यालय के संस्थापक ब्रह्मा बाबा (दादा लेखराज) की 56वीं पुण्यतिथि विश्व शांति दिवस के रूप में मनाई गयी. केंद्र संचालक ब्रह्माकुमारी स्नेहा दीदी के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. मौके पर स्नेहा दीदी ने कहा कि ब्रह्म बाबा ने विश्व शांति और विश्व परिवर्तन का बिगुल फूंका था. उन्होंने कहा कि आज के समय में यह विद्यालय विश्व के अनेक देशों में विश्व परिवर्तन और विश्व शांति का पैगाम फैला रही है. उनका अवसान 18 जनवरी 1969 को 93 वर्ष की आयु में हुआ था. 1937 ई. में तत्कालीन सिंध प्रांत के हैदराबाद में दादा लेखराज के माध्यम से ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी. वर्तमान में यह संस्था विश्व के 140 देशों में है. ब्रह्मा बाबा के जीवन से जुड़े संस्मरण को सुनाते हुए कहा कि जब बाबा संपूर्ण स्थिति को प्राप्त हो गए तब सन 1969 ई. में अव्यक्त होने से पूर्व सबसे मिले और अंतिम महावाक्य निरकारी, निर्विकारी और निरंकारी का उच्चारण किया और अव्यक्त हो गये. उन्होंने कहा कि मानव की पहचान उसके नाम से नहीं बल्कि उसके कर्मों से होती है. जिसे पूज्य बाबा ने साबित कर दिखाया. मौके पर सीडीपीओ कुमारी पुष्पा, राकेश चंद्र सिन्हा, शंभू कुमार, डा. एसएन झा, मदन ठाकुर, प्रभाकर सिंह, रमन कुमार रंजन, राजीव रंजन, मानव, प्रिया, प्रियंका सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel