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Home बिहार मुंगेर 32 साल बाद भी किराये और जुगाड़ में चल रहा प्रखंड कार्यालय. बरियारपुर के लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

32 साल बाद भी किराये और जुगाड़ में चल रहा प्रखंड कार्यालय. बरियारपुर के लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

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32 साल बाद भी किराये और जुगाड़ में चल रहा प्रखंड कार्यालय. बरियारपुर के लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

बरियारपुर से संजीव कुमार की रिपोर्ट : बरियारपुर प्रखंड को वर्ष 1994 में प्रखंड का दर्जा मिला था. तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने प्रखंड कार्यालय का उद्घाटन भी किया था, लेकिन विडंबना यह है कि तीन दशक बीत जाने के बाद भी बरियारपुर प्रखंड कार्यालय को अपना स्थायी भवन नसीब नहीं हो सका है. स्थानीय लोगों में इसे लेकर लगातार नाराजगी बढ़ रही है.

तीन दशक से अधर में भवन निर्माण का सपना

बरियारपुर प्रखंड कार्यालय पिछले 32 वर्षों से संचालित तो हो रहा है, लेकिन आज तक इसका अपना भवन नहीं बन पाया है. हर चुनाव से पहले नेताओं द्वारा भवन निर्माण का वादा किया जाता है. कई बार जमीन भी चिन्हित की गयी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है.स्थानीय लोगों का कहना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समय भवन निर्माण को लेकर घोषणाएं जरूर होती हैं, लेकिन बाद में फाइलें सरकारी दफ्तरों में दबकर रह जाती हैं.

चुनावी वादों तक सीमित रह गया मुद्दा

ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान संभावित भवन स्थल का निरीक्षण भी किया जाता है. जनप्रतिनिधि जनता के बीच जल्द भवन निर्माण शुरू कराने का भरोसा देते हैं, लेकिन जीत के बाद इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होती.लोगों का कहना है कि प्रखंड कार्यालय का अपना भवन नहीं होने से प्रशासनिक कार्यों के संचालन में भी कई तरह की परेशानियां होती हैं. कर्मचारियों और आम लोगों दोनों को असुविधा का सामना करना पड़ता है.

स्थानीय लोगों में बढ़ रही नाराजगी

बरियारपुर के लोगों का कहना है कि प्रखंड बनने के बाद क्षेत्र के विकास की उम्मीद जगी थी, लेकिन बुनियादी प्रशासनिक ढांचा ही अब तक पूरा नहीं हो सका. लोगों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से जल्द स्थायी भवन निर्माण शुरू कराने की मांग की है.ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भवन निर्माण की दिशा में पहल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जनआंदोलन भी खड़ा हो सकता है.

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