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बिहार के इस जिले में अभी भी जलकैदी हैं ग्रामीण, छतों पर काट रहे जिंदगी

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बिहार के इस जिले में अभी भी जलकैदी हैं ग्रामीण, छतों पर काट रहे जिंदगी
सांकेतिक फोटो

Bihar Flood: बिहार के मुंगेर के हवेली खड़गपुर प्रखंड की तेलियाडीह पंचायत स्थित कृष्णा नगर गांव के लोग पिछले 3 महीने से बाढ़ के पानी में जीवन बिता रहे हैं. यह स्थिति गांव में लगातार जल जमाव के कारण बनी हुई है.

कठिनाई में ग्रामीण

जानकारी मिली है कि जिन परिवारों के 2 मंजिला मकान हैं, उन्होंने अपनी छतों पर शरण ली हुई है. जबकि जिनके कच्चे और छोटे मकान हैं, वे परिवार सड़कों पर पॉलिथीन टांगकर गुजारा करने को मजबूर है. इस गांव के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

7000 रुपए और 8 दिन के भोजन की व्यवस्था

बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि यदि क्षेत्र में विकास हुआ होता तो उन्हें इस तरह ‘जलकैदी’ की जिंदगी नहीं जीनी पड़ती. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ने सिर्फ 7000 रुपए और 8 दिन के भोजन की व्यवस्था की थी. आरोप यह भी है कि सहायता राशि के बदले उनसे पैसे की मांग की जाती है. इस गांव की आबादी लगभग 500 है.

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5000 से अधिक परिवार जलजमाव से परेशान

यह स्थिति न सिर्फ मुंगेर के कृष्णा नगर गांव तक सीमित है बल्कि सदर प्रखंड के दियारा इलाके, बरियारपुर और जमालपुर प्रखंड की कई पंचायतों में भी अभी बाढ़ का पानी जमा है. अभी 5000 से अधिक परिवार अपना घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हैं. तीन महीने से सड़कों पर रहने के कारण धूल और गंदगी से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. इन लोगों के कई मवेशी सड़क हादसों का शिकार हो चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर पूरे देश में दुर्गा पूजा की धूम है, वहीं उनके घर पानी में डूबे हुए हैं.

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