[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुंगेर पुल बहने के बाद नाव के सहारे 40 हजार आबादी, दियारावासी परेशान

पुल बहने के बाद नाव के सहारे 40 हजार आबादी, दियारावासी परेशान

0
पुल बहने के बाद नाव के सहारे 40 हजार आबादी, दियारावासी परेशान

प्रतिनिधि, बरियारपुर. खगड़िया के गोगरी जमालपुर व मुंगेर के हरिणमार व झौवाबहियार पंचायत को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बनी पुल के टूटने से 40 की आबादी बुरी तरह से प्रभावित हुई है. पुल टूटने से इस भीषण बाढ़ की चपेट में कराह रहे लोगों के लिए एक मात्र सहारा नाव है. जिस पर जान जोखिम में डालकर लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने को मजबूर है. बताया जाता है कि रविवार की रात मुंगेर दियारा के हरिणमार व झौआबहियार से गोगरी जमालपुर जाने वाली पथ सह पुल बाढ़ की तेज बहाव में बह गया. जिसके कारण यहां के लोगों के आवागमन में काफी परेशानी हो रही है. निजी नाव के सहारे झौवाबहियार व हरिणमार के लोग गोगरी जमालपुर व खगड़िया पहुंच कर अपने जरूरत के समानों की खरीदारी कर रहे है. दवा, इलाज सहित अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी नाव पर सवार होकर आवागमन कर रहे है. एक ओर जहां नाविक द्वारा अधिक किराया वसूल किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऊपनती गंगा में नाव पर क्षमता से अधिक सवारियों को ढोया जा रहा है. जो खतरों से खाली नहीं है. जिला प्रशासन अगर इस पर ध्यान नहीं दिया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel