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Home बिहार मोतिहारी नयी पीढ़ी को कृषि तकनीक अपनाने की आवश्यकता

नयी पीढ़ी को कृषि तकनीक अपनाने की आवश्यकता

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नयी पीढ़ी को कृषि तकनीक अपनाने की आवश्यकता

मोतिहारी.पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद राधामोहन सिंह ने कहा कि देश के करीब 85 प्रतिशत छोटे किसान हैं, जिन्हें टेक्नोलॉजी की जानकारी मिलनी चाहिए. जिसको ले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार कार्य कर रही है. श्री सिंह संयुक्त कृषि भवन में आयोजित कृषि यांत्रिकरण सह किसान मेला समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कृषि यांत्रिकरण उप मिशन के तहत प्रशिक्षण, परीक्षण, सीएचसी हाईटैब हब, एफएमबी आदि की स्थापना के लिए वर्ष 2015 से 2022-23 तक 6120.85 करोड़ रुपये जारी की गयी. वहीं राज्य सरकार के माध्यम से ट्रैक्टर, पावर टिलर, स्वचालित मशीनरी आदि पर सब्सिडी 15.24 लाख दिये गये. उन्होंने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरूआत भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें अभी तक 14 हजार करोड़ की योजना स्वीकृत हो चुकी है. किसान ड्रोन को बढ़ावा दिया जा रहा है. बेकार पड़ी जमीनों को खेती योग्य बनाना चाहिए, तथा समय की मांग के अनुरूप कृषि के प्रति नयी पीढ़ी को आकर्षित करने की आवश्यकता है. इस दौरान उन्होंने कृषि मेला का भी निरीक्षण किया. माैके पर पूर्व मंत्री सह विधायक प्रमोद कुमार, उपमहापौर डॉ लालबाबू प्रसाद, डीएओ मनीष कुमार सिंह, एलडीएम गोपाल प्रसाद, एटीएम, बीटीएम, कृषि सलाहकार, केविके परसौनी के डॉ अंशु गंगवार, केविके पीपराकोठी के डॉ एमबी चंद, डॉ गायत्री कुमारी सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. आठ बीएओ व 22 किसान सलाहकार से जवाब-तलब

मोतिहारी. कृषि भवन में आयोजित कृषि यांत्रिकरण सह किसान मेला से गायब आठ बीएओ व 22 किसान सलाहकारों पर कार्रवाई की गाज गिरि है. कार्यक्रम के दौरान सूचना के बावजूद सभी गायब मिले. डीएओ मनीष कुमार ने बताया कि जिनकी जो जिम्मेवारी है, ईमानदारी से निर्वहन करे. किसी भी स्तर पर कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. किसान सलाहकार गांव तक जाए व बीएओ उनके कार्यों का धरातल पर निरीक्षण करें. जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी.

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