मोतिहारी के बंजरिया से राज निखिल की रिपोर्ट
Monsoon Paddy Plantation: मोतिहारी शहर और बंजरिया प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार सुबह से ही हो रही झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है.लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे अन्नदाताओं के लिए यह मूसलाधार वर्षा किसी वरदान से कम नहीं है.इस झमाझम वर्षा के बाद पूरे इलाके में धान की रोपनी का कार्य अब युद्धस्तर पर शुरू हो गया है.
सुस्त पड़े खेती के काम में आई तेजी
पिछले कई दिनों से भीषण उमस भरी गर्मी और बारिश के अभाव के कारण खेती-किसानी का काम काफी सुस्त पड़ा हुआ था.खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने की वजह से किसान धान की रोपनी को लेकर बेहद चिंतित थे.लेकिन सोमवार की सुबह से ही शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने न केवल मौसम को सुहावना बना दिया, बल्कि खेतों में आवश्यक जलस्तर भी बढ़ा दिया है.बंजरिया और आसपास के गांवों में किसान सुबह होते ही अपने-अपने खेतों में हल, ट्रैक्टर और कुदाल लेकर निकल पड़े.
फसलों के लिए संजीवनी बनी आसमान से बरसी राहत
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धान की खेती के लिए यह समय सबसे ज्यादा उपयुक्त है.पर्याप्त पानी मिलने के बाद खेतों की मिट्टी पूरी तरह नरम हो गई है, जिससे धान के बिचड़े रोपने में काफी आसानी हो रही है.यदि अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर ऐसी ही बारिश होती रही, तो इस वर्ष धान की पैदावार काफी अच्छी होने की उम्मीद है.केवल धान की रोपनी ही नहीं, बल्कि इस बारिश से अन्य खरीफ फसलों को भी काफी लाभ पहुंचा है.
सिंचाई की लागत से किसानों को मिली मुक्ति
तालाब, गड्ढे और स्थानीय नहरों में पानी का भराव होने से किसानों को डीजल पंप से होने वाली सिंचाई की भारी लागत से भी बड़ी राहत मिली है.कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश धान की अगेती और पिछेती दोनों फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी.बहरहाल, इस मानसूनी बारिश के साथ ही ग्रामीण इलाकों में हल की गूंज और महिला-पुरुष किसानों के पारंपरिक गीतों से खेत पूरी तरह गुलजार हो उठे हैं.
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