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खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं अग्निपीड़ित

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खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं अग्निपीड़ित

सिकरहना.कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के गोरगावां गांव के दलित बस्ती में हुई भीषण अगलगी की घटना से एक साथ 50 परिवारों पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है. 50 लोगों के आशियाने जल कर राख हो जाने से लोग काफी मर्माहत व सदमे में हैं. वे अपने व अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है. घटना के बाद से ही प्रभावित परिवारों ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी शुरू कर दी है. प्रशासन द्वारा घटना की देर शाम से ही पीड़ित परिवारों को पॉलीथिन शीट उपलब्ध करा दी गई थी. पीड़ित परिवार अपने जले घरों के सामने खुली जगहों पर उसी प्लास्टिक सीट को बिछा कर किसी तरह खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं. हालांकि प्रशासन द्वारा मिडिल स्कूल गोरगावां में जहां एक ओर सामुदायिक रसोईघर के द्वारा सभी अग्निपीड़ित परिवारों को खाना नाश्ता की व्यवस्था की है, वहीं आवासन के लिए स्कूल के पांच कमरों में बिछावन के साथ रहने की व्यवस्था की गयी हैं. स्कूल में नहीं रह कर अगलगी से नष्ट हुए घरों के सामने पीड़ित परिवार पॉलीथिन शीट बिछा कर रात काट रहे हैं. इधर घटना के बाद एसडीओ निशा की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अग्निपीड़ितों के बीच राहत सामग्री व मुआवजा सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करा रही हैं. वही स्वयंसेवी संस्थाओं आरएसएस,रेड क्रॉस सोसाइटी,चैंबर ऑफ काॅमर्स सिकरहना एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी अग्निपीड़ितों के बीच दैनिक जरूरत के सामानों की आपूर्ति की जा रही हैं. एसडीओ निशा ने बताया कि अब तक पीड़ितों के बीच पॉलीथिन शीट एवं राशन उपलब्ध करा दिया गया है. कम्यूनिटी किचेन के द्वारा सभी को भोजन-पेयजल एवं स्कूल में फिलहाल पीड़ितों के रहने की व्यवस्था की गयी हैं. आग से क्षतिग्रस्त बिजली के तारों को बदल दिया गया है, जिससे शीघ्र ही बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी. बताया कि शनिवार की देर शाम चिन्हित 45 परिवारों को प्रति परिवार 12 हजार रुपये का चेक, बाल्टी, कंबल, बर्तन सेट दिया गया है. जल्दी ही पीड़ित परिवारों को नियमानुसार अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी.

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