[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मोतिहारी उद्यमिता बन गया है शक्तिशाली उपकरण

उद्यमिता बन गया है शक्तिशाली उपकरण

0
उद्यमिता बन गया है शक्तिशाली उपकरण

मोतिहारी. महात्मा गांधी केंद्रीय विवि कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से चल रहे उद्यमिता जागरूकता शिविर के दूसरे दिन शनिवार को वक्ताओं ने लघु उद्योग स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की. विभाग के प्राध्यापक कार्यक्रम सह संयोजक डॉ. विपिन कुमार ने संबंधित विषयों पर संक्षिप्त पुर्नावृति कर शिविर की शुरूआत की. प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रामलाल बगेरिया ने उद्यमिता के लिए आवश्यक नियम व शर्तो को बताया. वहीं लघु उद्योग स्थापित करने की दिशा में आने वाली चुनौतियों से निपटने को लेकर विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सवालों का प्रेरक उदाहरणों के जरिए जवाब दिया. दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए जन्तु विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. श्याम प्रसाद ने कहा कि नवाचार व तकनीकी के इस युग में उद्यमिता शक्तिशाली उपकरण बन गया है. उन्होंने विद्यार्थियों से लघु उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया. तीसरे सत्र का संबोधित करते हुए प्रबंध विज्ञान विभाग की प्राध्यापक डॉ अलका ललहाल ने उद्यमिता के व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर चर्चा की. अंतिम एवं चौथे सत्र को संबोधित करते हुए वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. शिवेंद्र सिंह ने उद्यमिता में संचार कौशल एवं दृढ़ इच्छाशक्ति को महत्वपूर्ण बताया. मौके पर प्रबंध विज्ञान विभाग के अतिथि प्राध्यापक डॉ. कमलेश कुमार सहित विद्यार्थी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel