[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मधुबनी गर्मी शुरू होते ही जलस्तर में आने लगी कमी

गर्मी शुरू होते ही जलस्तर में आने लगी कमी

0
गर्मी शुरू होते ही जलस्तर में आने लगी कमी

बेनीपट्टी . अनुमंडल क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही मौसम के बढ़ते तापमान के साथ विभिन्न चापाकलों व जलाशयों के जलस्तर में कमी आने लगी है. ज्यों-ज्यों तापमान चढ़ता जा रहा है, वैसे ही जलस्तर में गिरावट बढ़ने लगी है. जिसके फलस्वरूप गर्मी में न केवल आम लोगों की ही बल्कि पशु पक्षियों को भी प्यास बुझाने के लिये लाले पड़ने लगे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुमंडल के विभिन्न इलाकों में दर्जनों चापाकल व जलाशयों के जलस्तर में निरंतर कमी होते देखी जा रही है. कहीं चापाकल सूख चुका है, तो कहीं चापाकलों से बेहद ही कम मात्रा में पानी निकल रहा है. बता दें कि चंद महीने पूर्व पानी से लबालब भरे कई जलाशय भी इन दिनों पानी विहीन हो चुके हैं. लिहाजा पशु पक्षियों को भी अपनी प्यास बुझाने के लिए पोखर दर पोखर भटकते देखा जा रहा है. वहीं अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यालय के पास लगे चापाकल महीनों पूर्व सूख चुके हैं. जबकि यहां विभिन्न कार्यालयों और न्यायालयों के कार्यों से सैकड़ों लोगों की रोजाना आवाजाही होती है और लोग पानी के लिये इधर-उधर भटकते देखे जा सकते हैं. समदा में सामुदायिक भवन में संचालित पंचायत भवन परिसर में लगा चापाकल सूखने के कारण वहां काफी जंगल भी उग आये हैं. कमोबेश यही कुछ स्थिति बेहटा बाजार व बेनीपट्टी बाजार समेत कई सार्वजनिक जगहों पर लगे चापाकलों की भी है. जिससे बेहद ही कम मात्रा में पानी आने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पानी की किल्लत को देखते हुए लोग बोतलबंद पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं. जबकि अभी अप्रैल का आधे से अधिक, मई, जून और जुलाई महीने का आना शेष है, जिसमें भीषण गर्मी पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. इन महीनों में अपेक्षाकृत बारिश नहीं हुई और अगर हीट वेब की स्थिति आयी तो पानी के लिये लोगों के बीच हाहाकार मचने की स्थिति आ सकती है. हालांकि राज्य सरकार द्वारा जलस्तर और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए विशेष रूप से जल जीवन हरियाली अभियान चलाकर तालाबों व पुराने कुओं का जीर्णोद्धार कराने की मुहिम चलवाई जा रही है लेकिन वह पूरी तरह धरातल पर उतरता नहीं दिख रहा है. वर्षा जल संचयन की भी बात बड़े ही जोर शोर से चलाकर लोगों को जागरूक करने का काम भी किया गया लेकिन अब भी इस मामले में बहुत ही कम लोग सजग हो सके हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुमंडल मुख्यालय के अलावे दर्जनों सुदूर ग्रामीण इलाकों में अवस्थित तालाबों में कई सूखने के कगार पर पहुंच चुका है, तो कई सूख चुके हैं. इस बाबत पीएचइडी विभाग के कनीय अभियंता प्रकाशचंद्र प्रभाकर ने कहा कि संभावित तापमान में होनेवाली वृद्धि और भीषण गर्मी को मद्देनजर रखते हुए विभाग अलर्ट मोड में है और सभी सार्वजनिक जगहों पर खराब चापाकलों की जानकारी जुटाई जा रही है और सभी की यथाशीघ्र मरम्मत करवाकर चालू करवाने के दिशा में पहल की जा रही है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel