Water Conservation: मधुबनी के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सलहा में जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) और विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में जल संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें पानी की हर बूंद बचाने और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया गया.
नाटक के जरिए दिया पानी बचाने का संदेश
छात्राओं ने अपने अभिनय के माध्यम से लोगों को अनावश्यक रूप से नल खुला नहीं छोड़ने, वर्षा जल संचयन अपनाने और दैनिक जीवन में जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है” और जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है.
नुक्कड़ नाटक में आरती कुमारी, सपना कुमारी, सावन कुमारी, क्रांति कुमारी, स्वाति कुमारी, निशु कुमारी, अर्चना कुमारी, पंची कुमारी, नंदनी कुमारी और संजना कुमारी ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी.
विद्यार्थी बदलाव के सबसे बड़े माध्यम
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ. मीनाक्षी ने की. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज में सकारात्मक परिवर्तन के सबसे प्रभावी माध्यम हैं. जब बच्चे जल संरक्षण का संदेश लेकर आगे आते हैं तो उसका प्रभाव परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है.
उन्होंने सभी से जल की प्रत्येक बूंद का सम्मान करने और उसके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की.
नमामि गंगे का उद्देश्य बताया
जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) के डीपीओ आनंद अंकित ने कहा कि जल संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है. उन्होंने कहा कि नमामि गंगे का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से जल स्रोतों का संरक्षण और नदियों की स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना है.
उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति को समाज में सकारात्मक संदेश देने वाली सराहनीय पहल बताया.
शिक्षकों का रहा सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिका चंदा कुमारी तथा शिक्षक मुकेश कुमार, राकेश रंजन, राकेश सिंह, राकेश राम, दिनेश कुमार, धर्मदेव रमण, अनिल कुमार, मो. समी हैदर और मीना कुमारी सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
जल संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा दैनिक जीवन में पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लिया. आयोजन के दौरान लोगों से वर्षा जल संचयन अपनाने और जल की बर्बादी रोकने की भी अपील की गई.
