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दो जिलों को जोड़ने वाली कच्ची सड़क दशकों से बदहाल

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दो जिलों को जोड़ने वाली कच्ची सड़क दशकों से बदहाल

मधवापुर . प्रखंड के बासुकी से ब्रह्मोत्तरा होकर सीतामढ़ी जिले को जोड़ने वाली कच्ची सड़क दशकों से बदहाली की अवस्था में राज्य के विकास के दावे को मुंह चिढ़ा रहा है. इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सीतामढ़ी, भिट्ठा मोड़, सुरसंड, यदुपट्टी, सिमरी, कोरियाही, बासुकी बिहारी, दुर्गापट्टी, बलबा, साहरघाट, बेनीपट्टी, मधुबनी सहित दर्जनों गांव व शहर के लोग इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं. लेकिन बदहाल कच्ची सड़क की सूरत दिनानुदिन और खराब होने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरी में अधिक दूरी तय कर दूसरे रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है. परंतु इस सड़क के आसपास बसे दोनों जिले के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों के लिए इस रास्ते का उपयोग करना मजबूरी है, चाहे दूसरे शहर जाने के लिये बस पकड़ना हो, किसी रिश्तेदार के यहां जाना हो, शादी विवाह या किसी उत्सव में जाना हो या इलाज के लिए चिकित्सक के पास जाना हो, इस रास्ते का उपयोग मजबूरीवश करना ही पड़ता है. लेकिन गड्ढे में तब्दील हो चुके कच्ची सड़क होने से लोगों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ता है. इस रास्ते के किनारे बसे दोनों जिले के कई गांव के बुजुर्गों का कहना है कि जब से उन्होंने होश संभाला है इस रास्ते की यही दुर्दशा है. कभी किसी जनप्रतिनिधि या सरकारी महकमे ने इस रास्ते के निर्माण तो दूर मरम्मत कराना भी मुनासिब नहीं समझा. इस सड़क की दुर्दशा के कारण लोग इस होकर आने-जाने में अब कतरा रहे हैं. खासकर बरसात के दिनों में तो स्थिति और बदतर हो जाती है. बेतरतीब ढंग से सड़क पर बने गड्ढ़े व कीचड़ से यात्रियों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ता है. फिलहाल इस रास्ते की स्थिति यह है कि कई बार प्रायः साइकिल व बाइक सवार यात्रियों को दुर्घटना का शिकार होकर मरहमपट्टी करवाने की नौबत आ जाती है. जबकि चार चक्का वाहन सूखे में भी किस जगह फंस जाएगा उसका ठीक नहीं. हालांकि इस सड़क के सीतामढ़ी जिले के भागों में तो सड़क चलने योग्य है. लेकिन, विकास के रास्ते पर आगे रहने वाला मधुबनी जिला के भाग की सड़क भगवान भरोसे अपने उद्धारक का बाट जोह रहा है. इस संबंध में बासुकी बिहारी दक्षिणी पंचायत के मुखिया सुरेश कामत ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत सर्वे का काम कर लिया गया है.

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