दैनिक दिनचर्या व आहार परिवर्तन जरुरी
गर्मी के बढ़ने से पसीना आना शुरू हो जाता है. इससे शरीर में पानी की मात्रा में तेजी से कमी आती है. इसलिए इस मौसम में प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन करना फायदेमंद है. साथ ही मौसमी फलों और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन भी शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित करने में सहायक होता है.
लू से बचाव
सीएस ने कहा है कि कुछ सावधानी बरतकर लू से बचाव किया जा सकता है. खाली पेट घर से बाहर नहीं निकलें. सुपाच्य एवं हल्के भोजन का सेवन करें. अत्यधिक शीतल पेय पदार्थों के सेवन करने से बचें. देर रात तक नहीं जागें एवं कम से कम 8 घंटे की नींद जरुर लें. अत्यधिक वजन से शरीर में अतिरिक्त ऊष्मा पैदा होती है. इसलिए अत्यधिक वजन वाले लोग गर्मी के दिनों में वसा युक्त भोजन सेवन करने से बचें. लू लगने पर लें परामर्शसिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने कहा है कि दोपहर में घर से निकलने से बचना चाहिए. अधिक धूप की स्थिति में छाता का उपयोग करना चाहिए. लू लगने की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श जरुरी है. ऐसे में प्राथमिक उपचार के तौर पर लू लगने पर ओआरएस का घोल पीना चाहिए. ताकि अतिसार से बचा जा सके. इसके इलाज के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला अस्पताल में पर्याप्त सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है.
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