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Home बिहार मधुबनी मधुबनी: मिथिला चित्रकला पर लिखी पुस्तक ‘रंगों और रेखाओं का सफर’ का लोकार्पण

मधुबनी: मिथिला चित्रकला पर लिखी पुस्तक ‘रंगों और रेखाओं का सफर’ का लोकार्पण

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मधुबनी: मिथिला चित्रकला पर लिखी पुस्तक ‘रंगों और रेखाओं का सफर’ का लोकार्पण
मधुबनी में पुस्तक का लोकार्पण करते अतिथि और कलाकार.

मधुबनी से कार्तिक कुमार की रिपोर्ट

Madhubani News: मधुबनी में मिथिला चित्रकला संस्थान सौराठ और क्राफ्ट चैपाल काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में लेखक अशोक कुमार सिन्हा की पुस्तक ‘मिथिला चित्रकला : रंगों और रेखाओं का सफर’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया.

कलाकारों और कला मर्मज्ञों की रही मौजूदगी

समारोह में पद्मश्री बौआ देवी, पद्मश्री दुलारी देवी, पद्मश्री शिवन पासवान, कनीय आचार्य डॉ. रानी झा, संजय जायसवाल, प्रतीक प्रभाकर, मिथिला चित्रकला संस्थान के निदेशक चंद्रशेखर प्रसाद सिंह और कला मर्मज्ञ प्रो. नरेंद्र नारायण सिंह निराला समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

मिथिला चित्रकला के इतिहास को समेटने का प्रयास

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लेखक अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि मिथिला चित्रकला से उनका जुड़ाव उपेंद्र महारथी संस्थान, पटना का निदेशक बनने के बाद शुरू हुआ.

उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 से 2022 तक उपेंद्र महारथी संस्थान में कार्य करने और बाद में बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक के रूप में कई कलाकारों से मिलने और उनके जीवन को करीब से समझने का अवसर मिला.

उन्होंने कहा कि एक पत्रिका के लिए लिखे जा रहे लेख ने बाद में पुस्तक का रूप ले लिया. पुस्तक में मिथिला चित्रकला की विभिन्न शैलियों, परंपराओं, इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और कलाकारों के संघर्षों को समेटने का प्रयास किया गया है.

शोधार्थियों और पाठकों के लिए अहम दस्तावेज

लेखक ने कहा कि अब तक मिथिला चित्रकला पर अधिकतर विदेशी लेखन उपलब्ध था. इस पुस्तक के माध्यम से हिंदी में इस कला के विभिन्न पक्षों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है.

उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे लोगों के योगदान को पुस्तक में शामिल किया गया है, जिनकी चर्चा कम हुई, लेकिन मिथिला चित्रकला को पहचान दिलाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है.

यह पुस्तक पाठकों, शोधार्थियों और मिथिला कला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है.

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