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Home बिहार मधुबनी निगम बनने के बाद कई गुना बढ़ा होल्डिंग टैक्स, फिर भी नहीं मिल रही सुविधाएं

निगम बनने के बाद कई गुना बढ़ा होल्डिंग टैक्स, फिर भी नहीं मिल रही सुविधाएं

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निगम बनने के बाद कई गुना बढ़ा होल्डिंग टैक्स, फिर भी नहीं मिल रही सुविधाएं

मधुबनी . वित्तीय वर्ष 2023-24 से नगर निगम क्षेत्र में पहले की तुलना में कई गुना होल्डिंग टैक्स की बढ़ोत्तरी की गयी है. लेकिन सुविधाएं नदारद है, जिससे लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. मिली जानकारी के अनुसार जो पहले होल्डिंग टैक्स के रूप में वर्ष में सौ-दो सौ रुपए दे रहे थे उन्हें अब एक हजार रुपये टैक्स देना पड़ रहा है. यह हालत शहर के सभी घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए समान है. वार्ड-29 के श्याम सुंदर मिश्र के यहां से टैक्स जमा करने के लिए आए उनके परिजन टैक्स जमा किए बिना ही वापस चले गए. उनके परिजन ने कहा कि पहले 416 रुपये सालाना टैक्स लगता था. अब जानकारी मिली है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 का होल्डिंग टैक्स 1676 जमा करना होगा. साथ लाए पैसे कम पड़ जाने के कारण होल्डिंग टैक्स जमा नहीं कर सका. निगम क्षेत्र में रहते हैं तो टैक्स देना ही पड़ेगा. एक साल में कई गुना बढ़ा टैक्स टैक्स की यह बढ़ोत्तरी एक वर्ष में हुई है. फरवरी 24 में टैक्स संग्रहण का काम निजी एजेंसी वीरा वेंचर्स (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया था. शुरुआत में एजेंसी ने लोगों से मनमाने तरीके से होल्डिंग टैक्स लेने का काम शुरू किया था. जिसकी शिकायत मिलने पर विभाग ने एजेंसी पर नकेल कसा. इसके बाद विभाग ने पूरे शहर में विस्तारित एरिया सहित सभी घरों के आईडी नंबर आवंटित करने और घरों के सर्वे के बाद पैमाईश करते हुए टैक्स के लिए डिमांड जेनरेट करने का आदेश दिया. जो डिमांड जेनरेट हुआ है वह सभी घरों की मापी के बाद हुआ है. वहीं निगम में अपग्रेड होने के बाद विभाग द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार टैक्स निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू की गयी. जिसके कारण होल्डिंग टैक्स में बढ़ोत्तरी हुई है. तीन हिस्से में निर्धारित किया है टैक्स स्लैब नगर निगम में विभाग के मानक के अनुसार तीन रोड वाले स्लैब में टैक्स का निर्धारण किया गया है. प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क और अन्य सड़क में पूरे शहर को बांटा गया है. संरचना के हिसाब से भी पूरा व्यावसायिक, पूरी तरह आवासीय और अन्य में बांटा गया है. इसे कैटोगरी सी में शामिल करते हुए टैक्स निर्धारित किया गया है. एक लाख व अधिक आबादी वाले काउंसिल कैटोगरी में इसे शामिल किया गया है. निगम बनने के बाद भी सशक्त स्थायी समिति और बोर्ड ने यहां के लोगों की हालत को देखकर इस कैटोगरी में रखा है. कचरा और पानी के लिए टैक्स निर्धारित निगम से कचरा उठाव व निस्तारण के लिए टैक्स लिया जा रहा है. प्रति घर प्रति माह 30 रुपए निर्धारित किया गया है. छोटे व्यवसायिक प्रतिष्ठान के लिए 100 रुपए और मॉल, कार्यालय, हॉस्पीटल के लिए प्रतिमाह 500 रुपए लिये जा रहे हैं. पेयजल आपूर्ति के लिए 25 रुपए प्रतिमाह प्रति कनेक्शन निर्धारित है. शुरुआत में टैक्स जमा करने पर पांच फसदी की छूट नए वित्तीय वर्ष में अगर अप्रैल से जून तक सालाना टैक्स जमा किया जाए तो 5 फीसदी की छूट दी जा रही है. जुलाई से सितंबर के बीच टैक्स जमा करने पर किसी तरह की छूट नहीं दी जा रही है और न ही फाइन लिया जाएगा. इसके बाद टैक्स जमा करने पर 1.5 फीसदी लेट फाइन देना होगा. क्या कहते हैं डिप्टी मेयर : डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान ने कहा है कि नगर निगम नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रोटोकॉल पर चलता है. मधुबनी नगर निगम को सी श्रेणी में रखा गया है. पारदर्शिता के साथ मापी कर होल्डिंग टैक्स में वृद्धि की गयी है. . फिर भी इसमें किसी तरह की विसंगतियां या कोई समस्या है तो उसका समाधान किया जायेगा. इसके लिए आवेदन स्वीकार किया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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